यूक्रेन के थर्माइट बम........रुसी टैंक व गाड़ियों को सेकंड में पिघला दें
कीव। ऊंचे-ऊंचे पेड़ों के नीचे रूसी हथियारबंद सैनिक और बख्तरबंद गाड़ियां छिपी हैं तभी अचानक ऊपर से एक ड्रोन आता है और पेड़ों के ऊपर से नीचे की तरफ आग उगलता है। ये आग सामान्य आग की तरह नहीं है. ये जहां गिर रही है, वहां चिपक जाती है। जैसे यह पिघला हुआ लावा हो। ये आग पेड़ों को जलाकर राख कर देते हैं। इसमें धमाके भी होते हैं। रूसी हथियार फटने लगते हैं। यह आग उगलने वाले ड्रोन के कई नाम है। आम बोलचाल में इसे फ्लेमथ्रोअर ड्रोन कहते हैं। फैंसी तरीके से इसे ड्रैगनफायर ड्रोन बुलाते हैं। इसके अलावा डिफेंस में इसका असली नाम थर्माइट ड्रोन है।
यूक्रेन की सेना ने अपने टेलीग्राम हैंडल पर इसका वीडियो शेयर किया था जिसके बाद एक्स पर हंगामा मचा गया। इस तरह का ड्रोन यूक्रेन की 108वीं सेपरेट टेरिटोरियाल डिफेंस ब्रिगेड संचालित करती है। पहले यह ड्रोन पेड़ों के नीचे छिपे दुश्मन पर आग बरसाते है, इसके बाद सारा बचा हुआ हथियार नीचे ड्रॉप कर देता है। कुछ महीनों पहले भी यूक्रेन ने रूसी सैनिकों के ऊपर थर्माइट बम बरसाते थे। ये बम हवा में थोड़ा ऊपर फटते थे। इसके बाद बड़े इलाके में आग लगा देते या ज्वलनशील पदार्थ छोड़ देते थे। इनका इस्तेमाल खासतौर से रूसी गाडियों को जलाने के लिए किया जा रहा था।
यह एक अत्यधिक तापमान वाला केमिकल है। इसमें जंग लगा आयरन ऑक्साइड और अल्यूमिनियम पाउडर मिलाया जाता है। थर्माइट का तापमान 2204 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाता है यानी इस तरह के हथियार का इस्तेमाल जिस चीज के ऊपर किया जाएगा, वह पिघल जाएगी। यूक्रेनी सैनिक थर्माइट ग्रैनेड भी इस्तेमाल करते हैं ताकि टैंक, बख्तरबंद वाहन के जरूरी हिस्सों पर हमला करके उसे जला सकें। अगर यह ग्रैनेड टैंक के हैच के अंदर गिरा दिया जाए तो यह इतना तापमान पैदा कर देता है कि अंदर रखे गोले फटने लगते हैं। इससे टैंक में मौजूद सैनिक मारे जाते हैं. टैंक या बख्तरबंद वाहन जल जाता है।
आग उगलने वाले ड्रोन के नीचे एक या कई थर्माइट कंटेनर लगाए जाते हैं। एक कंटेनर आमतौर पर सवा दो किलोग्राम का होता है। जो करीब 22 सेकेंड तक जलता है। ये 22 सेकेंड दुश्मन के किसी भी हथियार को जलाकर खत्म करने के लिए पर्याप्त हैं। इसलिए अगर कई कंटेनर लगे हैं तो सब आपसे में जुड़े होते हैं। एक के बाद एक जलते रहते हैं. बाद में इन कंटेनर्स को दुश्मन के ऊपर गिरा दिया जाता है।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (24 मार्च 2026)
जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप
प्रतियोगी परीक्षओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा नालंदा परिसर युवाओं को
प्रदेश में गौवंश संरक्षण के लिए बजट और नीतियों में बड़े बदलाव : मंत्री पटेल
संघर्ष से सुकून तक: नल-जल योजना से बदली राधाबाई की जिंदगी
गरियाबंद: प्रकृति, आस्था और रोमांच का जीवंत अनुभव
“किशोरी से मातृत्व तक" महिलाओं के हर चरण में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा शक्ति केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
प्रदेशवासियों को भारतीय सेना की समृद्ध विरासत से परिचित कराना और प्रदेश के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
इतिहास रचा पीएम मोदी ने, सबसे लंबी अवधि तक सत्ता में बने
प्रकृति की गोद में रोमांच- मोहरेंगा नेचर सफारी