भगवान भोले और माता पार्वती रूप धारण की दो कन्याएं
वाराणसी । मानो तो देव नहीं पत्थर या मानो तो गंगा मां हूँ, ना मानो तो बहता पानी। इस प्रकार की तमाम कहावते हमारे धर्म एवं संस्कृतियों में कही गयी हैं। काशी के विषय में एक कहावत काफ़ी लोकप्रिय है कि भगवान भोले को यह नगरी काफ़ी प्रिय है और वह किसी न किसी रूप में काशी में विराजमान रहते है। काशी में भी उनके विराजमान का क्षेत्र और स्वरुप भी अलग अलग है।भगवान भूतनाथ का प्रिय क्षेत्र महाश्मशान हरिश्चन्द्र घाट और मनिकार्निका घाट है, जहाँ शमशान की आग कभी बुझती नहीं है।
नगर निगम पर प्रदर्शन, बैरिकेडिंग के बीच कार्यकर्ताओं ने किया हनुमान चालीसा का पाठ
एमपी विधानसभा के बजट सत्र को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड मे, निजी सुरक्षा कर्मियों पर रोक, नए नियम लागू
9 साल की उम्र में आत्मदाह की चेतावनी, सिस्टम पर सवाल
असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव और झूठे आरोपों का मामला: रॉयल प्रेस क्लब ने एमपी नगर थाने में दी शिकायत
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
मंत्रालय की सुरक्षा में सेंध? नकली IAS पकड़ाया
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस
जयपुर में दिल दहला देने वाली वारदात, पिता ने 8 महीने की मासूम की हत्या की