एआई से संबंधित स्टार्टअप के लिए 2,000 करोड़ की योजना: अधिकारी
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने कृत्रिम मेधा (एआई) से संबंधित स्टार्टअप के वित्तपोषण और समर्थन के लिए 2,000 करोड़ रुपए से ज्यादा रकम आवंटित की है और अगले वित्त वर्ष में यह योजना शुरू होगी। ऐसी जानकारी मिली है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत गठित स्टार्टअप हब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हाल ही में यहां स्टार्टअप महाकुंभ में कहा कि सरकार सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए डिजाइन-संबद्ध प्रोत्साहन जैसी योजनाओं के माध्यम से प्राथमिकता क्षेत्र के लिए एक बड़ा वित्तपोषण कार्यक्रम चला रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से भारत एआई मिशन को मिली मंजूरी के तहत देश में एआई पारिस्थितिकी के समर्थन के लिए 10,000 करोड़ रुपए आवंटित किए जा रहे हैं। इसमें से 2,000 करोड़ रुपए से अधिक रकम एआई से जुड़े स्टार्टअप के समर्थन एवं वित्तपोषण के लिए आवंटित की गई है। उन्होंने कहा कि हम इन कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू करने के लिए व्यवस्था बनाने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। इसे आगामी वित्त वर्ष के अंदर शुरू करना चाहिए। मंत्रिमंडल ने देश में एआई विकास के लिए 10,372 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ भारत एआई मिशन को हाल ही में मंजूरी दी है। विजय ने कहा कि स्टार्टअप हब वर्तमान में पूरे भारत में 143 इनक्यूबेटर और उत्कृष्टता केंद्रों को समर्थन और वित्तपोषण दे रहा है। इसके साथ कोषों का कोष के जरिये सभी स्टार्टअप को संकल्पना स्तर से विकास स्तर तक वित्तपोषण दिया जा रहा है।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (22 मार्च 2026)
केंद्रीय नीतियों पर उठाए सवाल, आम आदमी की चिंता व्यक्त की
लोगों ने जताई नाराजगी, सोशल मीडिया पर हो रही तीखी प्रतिक्रिया
न्यायिक सुधारों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
‘भाजपा की बी-टीम है कांग्रेस’ – सीएम विजयन का विवादित बयान
‘उस समय चिंता जताने वाले शहंशाह चुप क्यों?’ कांग्रेस का तीखा सवाल
चुनावी माहौल में दिया ‘BJP हटाओ, देश बचाओ’ का नारा
फैंस ने खरीदे 6 लाख तक के टिकट, आयोजन हुआ विवादित
हाई कोर्ट में सोम डिस्टिलरीज केस की सुनवाई, ना स्टे मिला ना राहत — 23 मार्च को टॉप प्राथमिकता पर होगी अगली सुनवाई
महापौर का बयान: “जिसकी जरूरत होती है, वही सामान खरीदते हैं”