गरजते बादलों ने छीनी मासूमों की सांसें, गांव में पसरा मातम
मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सोमवार को कुदरत का कहर उस समय देखने को मिला जब मौसम के अचानक करवट लेने से खुशियों भरे आंगन में मातम छा गया। तेज गर्जना और बारिश के बीच आसमान से बरसी बिजली ने अलग-अलग स्थानों पर चार मासूम जिंदगियों को हमेशा के लिए शांत कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से जहां कई घरों के चिराग बुझ गए, वहीं एक बच्चा जीवन और मौत के बीच अस्पताल में संघर्ष कर रहा है।
खेत में खेलते समय बच्चों पर काल बनकर गिरी बिजली
सुगौली प्रखंड के कैथवलिया गांव में दोपहर के वक्त जब बच्चे घर के पास ही खेतों में खेल रहे थे, तभी अचानक मौसम बदला और तेज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में आठ वर्षीय अंशू कुमारी और पंद्रह साल के सन्नी देवल कुमार बुरी तरह झुलस गए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी घटना में एक अन्य बालक मंतोष कुमार भी गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसका उपचार फिलहाल विशेषज्ञों की देखरेख में किया जा रहा है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
जिले के अन्य हिस्सों में भी हुआ जान-माल का नुकसान
बिजली गिरने की यह त्रासदी केवल एक गांव तक सीमित नहीं रही बल्कि रामगढ़वा और मुफ्फसिल थाना क्षेत्रों से भी हृदयविदारक खबरें सामने आई हैं। इन दोनों क्षेत्रों में भी बारिश के दौरान आसमानी आपदा ने एक-एक बच्चे की जान ले ली जिससे पूरे जिले में भय और दुख का माहौल व्याप्त है। एक ही दिन के भीतर चार मासूमों की मौत ने प्रशासनिक अमले को भी झकझोर कर रख दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और पीड़ित परिवारों में शोक की लहर
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और थाना प्रभारी ने घटनास्थलों का दौरा किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भिजवाया। इस समय पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतकों के परिजनों की चीख-पुकार से वातावरण गमगीन हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि आपदा प्रबंधन के तहत पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि उन्हें इस संकट की घड़ी में कुछ संबल मिल सके।
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