नहीं रहे पद्म भूषण से सम्मानित बैंकिंग दिग्गज नारायणन वाघुल
नई दिल्ली। दिग्गज बैंकर और ICICI Bank के पूर्व चेयरमैन नारायणन वाघुल का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने चेन्नई के अपोलो अस्पताल में अंतिम सांस ली। अपने कई दशक के करियर में वाघुल ने कई महत्वपूर्ण काम किए। इसमें ICICI Bank को शुरुआती स्टेज के फाइनेंस इंस्टीट्यूशन से पूर्ण बैंक बनाना भी शामिल है।
पब्लिक सेक्टर बैंक के सबसे युवा चेयरमैन होने का रिकॉर्ड भी वाघुल के नाम है। वह 1981 में बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन बने थे, उस वक्त उनकी उम्र 44 साल थी। हालांकि, उन्होंने ब्यूरोक्रेट्स के हस्तक्षेप से तंग आकर उन्होंने बैंकिंग सेक्टर छोड़ दिया था। वाघुल को 1985 में चेयरमैन और CEO के रूप में ICICI लिमिटेड की जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला। वह 2009 तक ग्रुप हेड रहे। वाघुल को सरकार ने 2010 में ट्रेड एंड इंडस्ट्री कैटेगरी में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
बैंकिंग जगत में वाघुल का योगदान
वाघुल ने भारत के बैंकिंग सेक्टर को काफी समृद्ध किया। उन्होंने देश में यूनिवर्सल बैंकिंग मॉडल कॉन्सेप्ट को आगे बढ़ाया। इसने भारत के बैंकिंग सेक्टर में एक नए युग की शुरुआत की। उनकी इनवेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी ICICI सिक्योरिटीज की नींव रखने में भी अहम भूमिका थी। वाघुल ने क्रिसिल की बुनियाद रखके भारत में क्रेडिट रेटिंग के कॉन्सेप्ट को भी आगे बढ़ाया। वह करीब दस साल क्रिसिल के फाउंडर चेयरमैन रहे।
1991 में आर्थिक उदारीकरण के बाद से भारत में कई फाइनेंशियल सुपरमार्केट्स सामने आए। लेकिन, इसकी शुरुआत वाघुल ने ही की थी। अगर ICICI Bank ने बैंकिंग सेक्टर में बड़ा मुकाम हासिल किया, तो इसके पीछे वाघुल का ही दिमाग था। इसी बैंक के नक्शेकदम पर चलकर IDBI, और SBI ने फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री के अलग-अलग क्षेत्रों में अपना कामकाज बढ़ाया।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (23 मार्च 2026)
उन्नत खेती से शीला राजवाड़े बनीं लखपति दीदी
रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग और प्राकृतिक व जैविक खेती को कर रहें प्रोत्साहित
विश्व वानिकी दिवस पर विविध कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
नवरात्रि पर जेलों में आध्यात्मिक माहौल, बंदियों को मिली विशेष सुविधाएं
रैंप योजना अंतर्गत लघु वनोपज आधारित फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण सम्पन्न