सरकारी नौकरी के लिए असम में जन्म होना जरूरी
गुवाहाटी । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बड़े ऐलान किए। पहला यह कि जल्द ही असम में सरकारी नौकरी उन्हीं लोगों को मिलेगी, जो असम में ही पैदा हुए हैं। दूसरा, लव-जिहाद के मामले में दोषी को उम्रकैद की सजा दी जाएगी।
तीसरा, असम सरकार ने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच जमीन की बिक्री के संबंध में भी फैसला लिया है। हालांकि सरकार इसे रोक नहीं सकती, लेकिन खरीद-बिक्री से पहले मुख्यमंत्री की सहमति लेना जरूरी कर दिया गया है। सरमा ने ये बातें BJP की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कहीं।
सरमा ने बैठक में कहा कि चुनाव में किए वादे के अनुसार, एक लाख सरकारी नौकरियों में असम के लोगों को प्राथमिकता दी गई है। जिसके तहत केवल असम में जन्मे लोग ही राज्य सरकार की नौकरियों के लिए पात्र होंगे। इस संबंध में जल्द ही एक नई डोमिसाइल पॉलिसी जारी की जाएगी ।
बाल संरक्षण पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित
कबीरधाम में ‘दीदियों’ ने संभाली स्टीयरिंग, उपमुख्यमंत्री शर्मा बने पैसेंजर
भारत-अमेरिका रिश्तों पर कोल्बी बोले- साझा हित हैं आधार, जयशंकर की सराहना
भगवान श्रीकृष्ण के विराट व्यक्तित्व में सांदीपनि आश्रम का योगदान महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अनुष्का शर्मा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयन पर दी बधाई
इच्छा मृत्यु को लेकर चर्चा में रहे हरीश राणा का निधन
मनी लॉन्ड्रिंग से 35,925 करोड़ की ‘आपराधिक आय’ का पता चला
संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का स्मारक बना राजनीति का केंद्र
जयशंकर के नेतृत्व में भारत की छवि मजबूत हुई
एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना, 11 जिलों तक पहुंचेगी हवाई सेवा