पटना। पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों के चुनावी परिणाम सामने आने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने इन नतीजों को एक निर्णायक जनादेश करार देते हुए विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया है। बीजेपी ने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' के खात्मे की शुरुआत बताया है।

'वोट बैंक' की राजनीति का अंत: ऋतुराज सिन्हा

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति अब 'वोट बैंक' और 'तुष्टिकरण' के दौर से आगे निकल चुकी है।

  • ममता सरकार पर निशाना: उन्होंने कहा कि बंगाल की सत्ता में हुआ बदलाव इस बात का प्रमाण है कि जनता अब अल्पसंख्यकों के नाम पर बहुसंख्यक समाज के साथ किए जाने वाले पक्षपातपूर्ण व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी।

  • जनता का जवाब: सिन्हा के अनुसार, बंगाल की महिलाओं ने अपनी सुरक्षा और युवाओं ने रोजगार व भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ का बदला मतदान के जरिए लिया है।

दक्षिण भारत और सनातन का मुद्दा

ऋतुराज सिन्हा ने केरल और तमिलनाडु का उल्लेख करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो दल 'सनातन धर्म' और देश की संस्कृति का अपमान कर अपनी राजनीति चमका रहे थे, जनता ने उन्हें आइना दिखा दिया है। उनके मुताबिक, दक्षिण भारत अब परिवारवाद और दिखावे की धर्मनिरपेक्षता को नकार कर राष्ट्रवाद के पथ पर अग्रसर है।


'इंडी गठबंधन' को करारा जवाब

बीजेपी नेता ने 'इंडी गठबंधन' पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह जनादेश उन ताकतों के लिए तमाचा है जो समाज को जाति और मजहब के आधार पर बांटने का प्रयास करती हैं।

  • सुशासन की जीत: उन्होंने कहा कि जनता ने विभाजनकारी राजनीति के बजाय सुरक्षित वातावरण और सुशासन को चुना है।

  • सबका विकास: 'वोट जिहाद' जैसे विषयों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की राजनीति केवल "सबका साथ, सबका विकास" के मंत्र पर ही टिकी रहेगी।


सम्राट चौधरी का कड़ा संदेश

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पश्चिम बंगाल के परिणामों पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा, “जहाँ पैदा हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वो बंगाल हमारा है।” उन्होंने बंगाल की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस जीत को ऐतिहासिक बताया और "भारत माता की जय" के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की।