ई-श्रम पोर्टल से जुड़े गिग वर्कर्स, जानें कैसे करें रजिस्ट्रेशन
रायपुर|छत्तीसगढ़ में गिग वर्कर्स की सामाजिक सुरक्षा और अधिकारों को लेकर एक जरूरी खबर सामने आई है. प्रदेश में करीब 2 लाख गिग वर्कर्स को अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन की सुविधा मिल गई है. यह जानकारी रविवार को महाराष्ट्र मंडल में आयोजित संगोष्ठी के दौरान दी गई|
गिग वर्कर्स की स्थिति को मजबूत करने पर जोर
दरअसल, महाराष्ट्र मंडल में आयोजित इस संगोष्ठी में गिग वर्कर्स के सामाजिक सुरक्षा, अधिकार और उत्थान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. कार्यक्रम में श्रमिक संगठनों, विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भाग लिया और गिग वर्कर्स की स्थिति को मजबूत करने पर जोर दिया|
गिग वर्कर्स को भी ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन का अधिकार
देश में गिग वर्कर्स का एक बड़ा नेटवर्क कार्य कर रहा है. घर-घर सेवाएं देने वाले डिलीवरी एजेंट से लेकर अन्य फ्रीलांस सेवाएं देने वाले लोग इस श्रेणी में आते हैं, चाहे वे किसी बड़ी कंपनी से जुड़े हों या नहीं|संगोष्ठी में बताया गया कि नए श्रम कानून लागू होने के बाद गिग वर्कर्स को कई अधिकार मिले हैं. अब वे ई-श्रम पोर्टल पर पंजीयन करा सकते हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलेगा|
बीमा और कानूनी अधिकार भी शामिल
वहीं पंजीकृत गिग वर्कर्स को 2 लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा. इसके अलावा यदि किसी कंपनी द्वारा उनकी आईडी ब्लॉक की जाती है, तो वे उसके खिलाफ शिकायत और सुनवाई का अधिकार भी रखते हैं. विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि गिग वर्कर्स को अपने अधिकारों की जानकारी होना बेहद जरूरी है. जागरूकता के अभाव में वे कई सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं|
गिग वर्कर्स की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका
गिग वर्कर्स देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. वे रोजमर्रा की सेवाओं को आसान बनाते हैं, लेकिन उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए एक मजबूत मंच की जरूरत है|
राशिफल 04 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल