बार-बार भूख लगना भी फाइबर की कमी का इशारा
सेहत का 'क्लीनिंग सिस्टम': क्या आपकी थाली में पर्याप्त फाइबर है? जानें क्यों है यह प्रोटीन जितना ही जरूरी
आधुनिक जीवनशैली में जंक फूड और प्रोसेस्ड डाइट के बढ़ते चलन ने हमारे शरीर से फाइबर को लगभग गायब कर दिया है। डायटीशियन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फाइबर केवल कब्ज दूर करने का साधन नहीं है, बल्कि यह शरीर का आंतरिक सफाई तंत्र (Cleaning System) है।
फाइबर: शरीर का रक्षक और मार्गदर्शक
पुणे की जानी-मानी डायटीशियन श्वेता गर्ग के अनुसार, "फाइबर आंतों के स्वास्थ्य के लिए इंजन ऑयल की तरह काम करता है। यह भोजन के अवशोषण (Absorption) की गति को नियंत्रित करता है, जिससे शरीर को ऊर्जा धीरे-धीरे और सही तरीके से मिलती है।"
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कोलेस्ट्रॉल पर लगाम: फाइबर रक्त में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल को सोखकर शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है।
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शुगर कंट्रोल: यह रक्त में ग्लूकोज के घुलने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों का शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता।
कितना फाइबर है आपकी जरूरत?
एक स्वस्थ वयस्क को प्रतिदिन औसतन 25 से 35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। यदि आपकी डाइट में रिफाइंड फ्लोर (मैदा), फास्ट फूड और पैकेट बंद भोजन अधिक है, तो निश्चित रूप से आप इस लक्ष्य से बहुत दूर हैं। फाइबर की कमी को पूरा करने के लिए किसी महंगे सप्लीमेंट की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आपकी रसोई में मौजूद साधारण चीजें ही इसके लिए काफी हैं।
कैसे पहचानें कि शरीर में फाइबर की कमी है?
अगर आपका शरीर नीचे दिए गए संकेत दे रहा है, तो समझ लीजिए कि उसे फाइबर की तत्काल जरूरत है:
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पाचन में गड़बड़ी: लगातार कब्ज की शिकायत रहना या मल त्यागने में कठिनाई होना सबसे प्राथमिक लक्षण है।
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पेट का भारीपन: भोजन के बाद पेट फूलना, गैस और एसिडिटी की समस्या फाइबर की कमी का इशारा हो सकती है।
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एनर्जी की कमी: फाइबर की कमी से ब्लड शुगर तेजी से गिरता और बढ़ता है, जिससे आप हर वक्त थकान महसूस कर सकते हैं।
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बार-बार भूख लगना: फाइबर युक्त भोजन देर तक पेट भरा होने का अहसास कराता है। इसकी कमी होने पर आपको खाना खाने के तुरंत बाद फिर से भूख महसूस होने लगती है।
फाइबर की पूर्ति के लिए अपनाएं ये आसान तरीके
अपनी दिनचर्या में बस थोड़े से बदलाव करके आप फाइबर का कोटा पूरा कर सकते हैं:
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साबुत अनाज को दें प्राथमिकता: साधारण आटे की जगह मल्टीग्रेन आटा, ओट्स, दलिया या ब्राउन राइस का उपयोग करें।
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फलों का सही चुनाव: फलों का जूस पीने के बजाय उन्हें काटकर खाएं। सेब, नाशपाती, अमरूद और संतरा छिलके या रेशों के साथ खाने पर भरपूर फाइबर देते हैं।
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सब्जियों का सलाद: खाने के साथ गाजर, चुकंदर, खीरा और ब्रोकली का सलाद अनिवार्य रूप से शामिल करें।
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बीज और दालें: राजमा, चना, लोबिया के साथ-साथ अलसी और चिया सीड्स फाइबर के बेहतरीन और सस्ते स्रोत हैं।
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पानी का साथ: याद रखें, फाइबर तभी सही ढंग से काम करता है जब शरीर पूरी तरह हाइड्रेटेड हो। इसलिए दिनभर में पर्याप्त पानी जरूर पिएं।
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