दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को उम्रकैद
सियोल। दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल को 2024 में देश में मार्शल लॉ लागू करने, सत्ता के दुरुपयोग और विद्रोह की साजिश रचने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजकों ने उनके लिए मृत्युदंड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने उम्रकैद का फैसला दिया। इसी मामले में पूर्व रक्षा मंत्री को 30 साल की सजा सुनाई गई है। दक्षिण कोरिया में 1997 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई है, इसलिए मृत्युदंड व्यवहारिक रूप से स्थगित माना जाता है।
65 वर्षीय यून पर आरोप था कि उन्होंने दिसंबर 2024 में सेना और पुलिस बलों को सक्रिय कर उदारवादी बहुमत वाली नेशनल असेंबली पर नियंत्रण की कोशिश की। भारी हथियारों से लैस सुरक्षा बलों ने संसद भवन की घेराबंदी की, हालांकि सांसदों ने अवरोध तोड़कर भीतर पहुंचते हुए सर्वसम्मति से मार्शल लॉ हटाने के पक्ष में मतदान किया। करीब छह घंटे बाद आपात आदेश वापस लेना पड़ा। इस घटना से देश में गहरा राजनीतिक संकट पैदा हो गया था।
अदालत ने पाया कि असंवैधानिक आपात आदेश के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की गई। अभियोजन पक्ष का तर्क था कि इस कदम से संसद और चुनाव आयोग के कामकाज को बाधित किया गया।
मार्शल लॉ लागू कराने में शामिल अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। पूर्व रक्षा मंत्री किम योंग ह्यून को 30 वर्ष की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री हेन ड्यूक-सू को एक अलग मामले में 23 वर्ष की सजा दी गई है। उन पर कैबिनेट प्रक्रिया में हेरफेर और शपथ के तहत झूठ बोलने का आरोप सिद्ध हुआ। हान डक-सू ने फैसले के खिलाफ अपील दायर की है।
इस फैसले को दक्षिण कोरिया की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक और निर्णायक माना जा रहा है।
राशिफल 04 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल