डीजीसीए ने निगरानी से जुड़े नियम तत्काल प्रभाव से बदले
नई दिल्ली। देश के विमानन सेक्टर में पहली बार तकनीकी खामियों की निगरानी का पूरा ढांचा तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। उड़ानों में लगातार देरी, कैंसिलेशन और हालिया सुरक्षा घटनाओं ने डीजीसीए को डिफेक्ट रिपोर्टिंग सिस्टम को जड़ से सख्त करने के लिए मजबूर किया है।
12 पेज के नए आदेश के मुताबिक अब किसी भी निर्धारित उड़ान में तकनीकी कारण से 15 मिनट या उससे ज्यादा की देरी होती है तो उसकी जांच अनिवार्य होगी। कंपनी को बताना होगा कि देरी क्यों हुई? उसे कैसे ठीक किया गया? दोबारा न होने के लिए क्या उपाय किए? ये ऐसे प्रावधान हैं, जो पहले लागू नहीं थे।
कंपनी को किसी भी ‘मेजर डिफेक्ट’ की तुरंत सूचना डीजीसीए को फोन पर देनी होगी। 72 घंटे में विस्तार से रिपोर्ट भेजनी होगी। डिफेक्ट तीन बार दोहराए जाने पर उसे ‘रिपीटेटिव डिफेक्ट’ माना जाएगा और उस पर अलग से विशेष जांच शुरू होगी। डीजीसीए ने यह सख्ती इसलिए की क्योंकि अब तक डिफेक्ट रिपोर्टिंग व्यवस्था कमजोर थी। अभी तक 15 मिनट की देरी की जांच जैसी व्यवस्था नहीं थी और रिपीट डिफेक्ट की परिभाषा भी नहीं थी।
बार-बार ठंड और तेज बुखार—मलेरिया के संकेत हो सकते हैं ये लक्षण
नियम तोड़ना पड़ा महंगा, शाहीन अफरीदी को चुकाना होगा 10 लाख PKR
स्वास्थ्य सेवाओं पर नाराज मंत्री तोमर ने अस्पताल की पानी टंकी की खुद की सफाई
जडेजा का इमोशनल मोमेंट वायरल, दुबे को चिढ़ाने का अंदाज चर्चा में
BJP ने असम चुनाव के लिए जारी किया ‘संकल्प पत्र’, जानें सभी बड़े वादे
किसानों की हालत पर सवाल, जीतू पटवारी ने बीजेपी को घेरा
चांद के चारों ओर रोशन घेरे के साथ भोपाल का रात का नजारा हुआ खास
‘10 करोड़ का टैलेंट’: वैभव की कहानी ने क्रिकेट जगत में मचाई हलचल
हॉलीवुड डायरेक्टर जैक स्नाइडर ने की हुमा कुरैशी की तारीफ, एक्ट्रेस ने दिया दिल छू लेने वाला जवाब
‘फर्जी 2’ में निभाएंगी दमदार रोल, कुब्रा सैत ने शेयर किए एक्सपीरियंस