मकर संक्रांति पर नर्मदापुरम- उज्जैन में उमडा भक्तों का सैलाब
भोपाल । प्रदेश भर में आज सोमवार को मकर संक्रांति का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। राजधानी से करीब स्थित नर्मदापुरम जिले में नर्मदा नदी में पुण्य स्नान करने रात से से ही घाटों पर श्रद्धालुओं का मेला लग गया। आधी रात से ही श्रद्धालु नर्मदा के घाटों पर विभिन्न रास्तों से प्रवेश करने लगे और भीड़ बढ़ने लगी। भोर होते-होते सेठानी घाट समेत तमाम घाटों पर श्रद्धालुओं का रैला नजर आने लगा । दूर-दूर से आकर श्रद्धालु शुभ मुहूर्त काल में नर्मदे हर और जय मां नर्मदा के घोष के साथ पुण्य स्नान कर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। सुरक्षा के लिए घाट पर होमगार्ड जवान मोटरबोट के साथ तैनात हैं। सेठानीघाट, कोरीघाट, पर्यटन घाट, मंगलवारा घाट, हरबलपार्क घाट, सर्किट हाउस घाट, विवेकानंद घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा स्नान करने पहुंच रहे हैं। उधर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को मकर संक्रांति का महापर्व मनाया गया। तड़के 4 बजे भस्म आरती में पुजारियों ने भगवान महाकाल को तिल के उबटन से स्नान कराया। भस्मारती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नए वस्त्र व सोने चांदी के आभूषण से भगवान का श्रृंगार किया गया। भगवान को तिल्ली के लड्डू तथा तिल से बने छप्पन पकवानों का भोग लगाकर आरती की गई। इस अवसर पर मंदिर में आकर्षक पतंग सज्जा भी की गई है।सुबह भस्मारती में टीम इंडिया के कुछ सदस्य भी शामिल हुए। टीम इंडिया ने कल इंदौर के होलकर स्टेडियम में टी 20 मैच में अफगानिस्तान पर शानदार जीत हासिल की। भस्मारती में टीम इंडिया के सदस्य तिलक वर्मा, वाशिंगटन सुंदर, जितेश शर्मा और रवि बिश्नोई शामिल हुए। महाकाल मंदिर के महेश पुजारी के अनुसार ज्योतिर्लिंग महाकाल की पूजन परंपरा में मकर संक्रांति पर भगवान महाकाल को तिल से स्नान कराने तथा तिल्ली के पकवानों का भोग लगाने की परंपरा है। उनके अनुसार इस दिन भगवान को गुड़ व शकर से बने तिल्ली के लड्डुओं का भोग लगाया जाता है। ज्योतिर्लिंग की जलाधारी में भी तिल्ली अर्पित की जाती है। मकर संक्रांति पर स्नान व दान का विशेष महत्व देखते हुए अल सुबह से ही मोक्ष दायिनी शिप्रा में नर्मदा के जल से मकर संक्रांति का पर्व स्नान आरंभ हो गया। यहां बड़ी संख्या में देशभर से श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे हैं।
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