नकली नोट मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस कर रही गहन जांच
भोपाल: नकली नोटों के साथ एमबीबीएस डॉक्टर गिरफ्तार, नेपाल और पाकिस्तान के कागज पर छपी थी करेंसी; रिमांड पर आरोपी
भोपाल। राजधानी की कोहेफिजा पुलिस ने जाली नोटों के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने खुद को एमबीबीएस डॉक्टर बताने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से 500-500 रुपये के 280 नकली नोट (कुल 1.40 लाख रुपये) बरामद हुए हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी किसी विशेष विचारधारा से प्रभावित है और बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी
कोहेफिजा पुलिस को सूचना मिली थी कि सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास एक युवक कम दामों में नकली नोट खपाने की फिराक में ग्राहक तलाश रहा है। पुलिस ने तत्काल टीम बनाकर घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से नकली नोटों के अलावा एक आईफोन और पेनड्राइव भी मिली है।
नेपाल और पाकिस्तान के कागज का कनेक्शन
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि बरामद किए गए नकली नोट नेपाल और पाकिस्तान के कागज पर छापे गए थे।
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विशेष नंबर: आरोपी अपने आईफोन में '44 सीरीज' का एक विशेष नंबर इस्तेमाल कर रहा था।
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सौदा: आरोपी 300 असली रुपये के बदले 500 रुपये का नकली नोट देने का सौदा करता था। वह 2 लाख रुपये की नकली करेंसी महज 60 हजार रुपये में खरीदकर लाया था।
कौन है आरोपी?
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सैफूल इस्लाम (27) बताया है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है।
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आरोपी मई 2025 से भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी में रह रहा था।
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वह 2024 से इस अवैध धंधे में सक्रिय है और इससे पहले भी दो बार भोपाल आकर नकली नोट खपा चुका है।
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पिछले 10 दिनों के भीतर उसने बाजार में करीब 60 हजार रुपये के जाली नोट चला दिए हैं।
अमीर बनने की चाह में बना अपराधी
खुद को डॉक्टर बताने वाले सैफूल ने पुलिस को बताया कि वह "शॉर्टकट" तरीके से जल्द अमीर बनना चाहता था, इसी चाह में वह इस धंधे में आ गया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर 7 दिनों की रिमांड पर लिया है।
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