चैत्र माह की अमावस्या रहेगी विशेष
सनातन धर्म में अमावस्या तिथि बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस माह चैत्र माह की अमावस्या तिथि 28 मार्च को रात 7:55 बजे से शुरू होकर 29 मार्च को शाम 4:27 बजे समाप्त होगी। सनातन धर्म में अमावस्या तिथि बेहद खास मानी जाती है। इस बार शनिवार के दिन अमावस्या होने की वजह से इसे शनि अमावस्या कहा जाता है!
इस शुभ अवसर पर गंगा समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है और मां गंगा की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा, अमावस्या तिथि पर पितरों के तर्पण के साथ ही पिंडदान भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि अमावस्या तिथि पर महादेव की पूजा से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है, वहीं पूर्वजों का तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। शनि अमावस्या का खास महत्व और शुभ योग । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस शनि अमावस्या के दिन कई दुर्लभ योग बन रहे है। इस दिन ब्रह्मा और इंद्र योग का शुभ संयोग भी बन रहा है। इसके अलावा, दुर्लभ शिव वास योग का भी निर्माण हो रहा है, जिसमें गंगा स्नान कर भगवान शिव के साथ शनिदेव की पूजा-अर्चना करने से हर मनोकामना पूरी होगी और जीवन में सुखों का आगमन होगा।
किसानों के लिए बड़ी पहल: हर खेत को मिलेगा अपना ‘आधार’, रिकॉर्ड होगा पूरी तरह डिजिटल
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, लाखों भक्तों ने किए बाबा महाकाल के दर्शन
घाटी में सख्ती बढ़ी: सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा एक्शन, वांछित आतंकियों के पोस्टर जारी
एमपी के अशोकनगर में दुखद घटना, पूर्व MLA जजपाल जज्जी के भांजे ने की आत्महत्या
ISRO का निसार उपग्रह करेगा किसानों की बड़ी मदद… मिलेगी मिट्टी की नमी की सटीक जानकारी
चांदी के नंदी पर बिराजे शिव, मोहन यादव ने खींचा रथ, शिवराज भी पहुंचे बड़वाले मंदिर