अलीगढ़: आंगनबाड़ी में जहरीली चीज को चूरन समझ बैठे बच्चे, हालत गंभीर
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक आंगनबाड़ी केंद्र में चूरन समझकर जहरीला पदार्थ खाने से 8 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चों को उल्टी-दस्त की परेशानी शुरू हो गई। कई बच्चों के सिर में दर्द की शिकायत पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने बच्चों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अलीगढ़ जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजन बच्चों को एंबुलेंस से जीएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां सभी को डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया।
पूरा मामला अलीगढ़ जिले के अतरौली क्षेत्र के गांव नरौना आकापुर की है। जहां एक आंगनबाड़ी केंद्र में शुक्रवार को रोज की तरह बच्चे आए हुए थे। दोपहर का भोजन मिलने से पहले सभी बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक कमरे से अजीब सी दुर्गन्ध आने लगी। इस पर आंगनबाड़ी केंद्र पर मौजूद चंद्रवती, महेंद्र कौर और योगेश पहुंचे। देखा बच्चे उल्टी कर रहे थे। कुछ बच्चों ने बताया कि उनके सिर में दर्द हो रहा है।
बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने पर अंगबाड़ी केंद्र संचालिका ने बच्चों से पूछा कि किसी ने कुछ खाया है क्या, तभी एक बच्ची ने डरते हुए एक पाउच निकाल कर फेंका। जब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उसे उठाकर देखा तो वह गेहूं को घुन से बचाने वाली जहरीली दवा का पाउच था। यह देख आंगनबाड़ी केंद्र पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सभी बच्चों को आनन-फानन में पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (20 मार्च 2026)
धान से मक्का की ओर बढ़ते कदम :फसलचक्र परिवर्तन से धमतरी के किसानों की बढ़ी आय, जल संरक्षण को मिली नई दिशा
झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित ‘रोजगार और नियोजन’ की ली जानकारी
बिहान योजना से फुलकुंवर बनीं आत्मनिर्भर उद्यमी
दुर्घटना की एक्सपर्ट से हर पहलू की करायी जायेगी गहन जाँच : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
विक्रमादित्य ने सुशासन के प्रतिमान स्थापित किए, 2 हजार साल बाद भी उनके आदर्श प्रासंगिक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
संगठन महामंत्री की सक्रिय तैयारी, प्रदेश में जोरों पर अभियान
बस्तर में शुरू हुआ पुस्तक दान अभियान
प्रधानमंत्री आवास: पक्की छत से प्राणसाय के परिवार को मिली सुकून की जिन्दगी
पुलिस सैलरी पैकेज योजना: कठिन समय में पुलिस परिवारों का सशक्त सहारा