खाद्य तेलों में मिलावट, असुरक्षित पाए गए नमूने
फिरोजाबाद, सहायक आयुक्त (खाद्य) चन्दन पाण्डेय द्वारा चलाए गए खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ अभियान के दौरान कई खाद्य तेलों के नमूने लिए थे जो जांच में असुरक्षित पाए गए हैं। इन नमूनों की जांच में मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व पाए गए, जिनसे गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है।
दिवाली के त्योहार के मौके पर खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच हेतु 26 अक्टूबर 2024 को सुहाग नगर, फिरोजाबाद में तेल विक्रेता राजेश कुमार से रिफाइन्ड सोयाबीन का नमूना लिया गया, जिसमें रैन्सिडिटी और एसिड वैल्यू अधिक पाई गई। यह नमूना असुरक्षित पाया गया और लगभग 198 लीटर खाद्य तेल को सीज किया गया।
इसी तरह सुहाग नगर में दीपक गुप्ता से रिफाइन्ड सोयाबीन ऑयल और सरसों के तेल का नमूना लिया गया, जिसमें बटर यलो रंग (प्रतिबंधित) पाया गया। दोनों नमूने असुरक्षित पाए गए और 52,000 रुपये का खाद्य तेल सीज किया गया।
इसके अलावा, कठफोरी सिरसागंज में काजू का नमूना भी असुरक्षित पाया गया। 27 अक्टूबर 2024 को शिकोहाबाद में शिवम गुप्ता से लिया गया सरसों का तेल नमूना अधोमानक पाया गया। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा चन्दन पाण्डेय ने बताया कि जनपद में खाद्य तेलों में मिलावट की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, जिससे अल्सर जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। इसके चलते, खाद्य तेल की आपूर्ति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और मिलावटी तेल विक्रेताओं के खिलाफ गोपनीय टीम गठित कर कार्यवाही की जाएगी।
जिन कारोबारियों के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं, उनके लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है, जिसमें आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
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