विशेषज्ञ बोले– प्राकृतिक भूकंप या मानव निर्मित विस्फोट, जांच जारी
तेहरान। ईरान में 3 मार्च 2026 को फार्स प्रांत के खोन्ज इलाके में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई पर था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार यह भूकंप गेराश शहर से 52 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में आया। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा हैं, कि यह भूकंप ईरान के गुप्त परमाणु परीक्षण की वजह से हुआ लेकिन विशेषज्ञों ने इन दावों को खारिज किया। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस भूकंप और किसी परमाणु या सैन्य गतिविधि के बीच कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है।
परमाणु परीक्षण से भूकंप आ सकता है लेकिन उसकी तरंगें और विशेषताएं प्राकृतिक भूकंप से अलग होती हैं। परमाणु विस्फोट से भूकंप की तीव्रता उसकी शक्ति पर निर्भर करती है जैसे 5 मेगाटन का परीक्षण 6.9 तीव्रता का भूकंप पैदा कर सकता है लेकिन यह परीक्षण की गहराई पर भी निर्भर है।
परीक्षण को छिपाने के लिए पर्याप्त गहराई पर किया जाता है जैसे स्केल्ड डेप्थ ऑफ बरियल (एसडीबीओ) 100 मीटर प्रति किलोटन से ज्यादा होना चाहिए ताकि रेडियोएक्टिव पदार्थ बाहर न आएं। सामान्य परमाणु परीक्षण की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5 से 6 या ज्यादा होती है, क्योंकि छोटे परीक्षणों से कम तीव्रता आती है।
ईरान का हालिया भूकंप सिर्फ 4.3 था जो छोटे परीक्षण के लिए भी कम है। सीटीबीटीओ के अनुसार परमाणु परीक्षण की तरंगें विस्फोटक होती हैं जबकि प्राकृतिक भूकंप की टेक्टॉनिक। एक लैब के अनुसार उत्तर कोरिया के 2016 परीक्षण ने 5.1 तीव्रता का भूकंप पैदा किया जो 7000 टन टीएनटी के बराबर था। अगर परीक्षण कम गहराई पर हो, तब तीव्रता ज्यादा लेकिन रेडिएशन लीक का खतरा बढ़ जाता है।
ईरान ने कुछ दिन पहले ऐसा कोई सीधा दावा नहीं किया लेकिन अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने बताया कि ईरान ने कहा कि उनके पास 60 प्रतिशत एनरिच्ड यूरेनियम के 460 किलोग्राम हैं जो 11 परमाणु बम बनाने के लिए काफी है।
ईरान के सर्वोच्च नेता के करीबी मोहम्मद-जवाद लारीजानी ने कहा कि जररुत पड़ने पर ईरान 24 घंटे में सैन्य परमाणु क्षमता विकसित कर सकता है। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंच गया है लेकिन अभी नहीं बना रहा।
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