Cabinet Expansion Buzz: सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा, क्या जल्द होगा विस्तार?
बिहार मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी: दिल्ली रवाना हुए सम्राट चौधरी, नई टीम में दिख सकते हैं कई चौंकाने वाले चेहरे
पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब सबकी निगाहें मंत्रिमंडल के विस्तार पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में न केवल मंत्रियों की सूची फाइनल होगी, बल्कि विजय सिन्हा जैसे वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
नीतीश कुमार से मुख्यमंत्री की खास मुलाकात
दिल्ली जाने से पहले सियासी गलियारों में उस समय हलचल बढ़ गई जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अचानक उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी के साथ नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे।
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24 मिनट की चर्चा: दोनों नेताओं के बीच करीब 24 मिनट तक गुफ्तगू हुई, जिसमें मंत्रिमंडल के संभावित स्वरूप और विभागों के बंटवारे को लेकर गहन मंथन हुआ।
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नीतीश कुमार की सक्रियता: पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी आज काफी सक्रिय नजर आए। उन्होंने बिजेंद्र यादव और अशोक चौधरी जैसे अपने करीबी नेताओं के आवास पर जाकर मुलाकातें कीं।
क्या सम्राट चौधरी की 'नई टीम' में पुराने दिग्गजों को मिलेगी जगह?
चर्चा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी एक 'विकास टीम' तैयार करना चाहते हैं, जिसमें युवाओं और महिलाओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। हालांकि, पार्टी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं:
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विजय सिन्हा और सामाजिक समीकरण: पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की भूमिका और भूमिहार समाज में पनप रहे असंतोष को शांत करना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी किसी बड़े और चौंकाने वाले फैसले से इस वर्ग को साधने की कोशिश करेगी।
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दिलीप जायसवाल पर सस्पेंस: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को लेकर भी अटकलें तेज हैं। उनके कद और अनुभव को देखते हुए उन्हें दोबारा मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सोशल इंजीनियरिंग पर भाजपा का दांव
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दे रही है। पार्टी सोशल इंजीनियरिंग के जरिए अति पिछड़ा, दलित और सवर्ण समुदायों के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश में है। मंगल पांडेय और रामकृपाल यादव जैसे पुराने दिग्गजों के साथ-साथ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है।
महागठबंधन में सेंधमारी की चर्चा
सबसे चौंकाने वाली खबर विपक्षी खेमे से आ रही है। एनडीए सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के कुछ विधायक भाजपा के संपर्क में हैं।
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कांग्रेस विधायकों पर नजर: चर्चा है कि कांग्रेस के चार विधायकों पर भाजपा की नजर है। दल-बदल कानून की तकनीकी पेचीदगियों को देखते हुए फूंक-फूंक कर कदम रखा जा रहा है।
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मंत्री पद का आश्वासन: सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस के एक युवा विधायक को मंत्री पद का आश्वासन भी मिल चुका है और वे जल्द ही अपने साथियों के साथ पाला बदल सकते हैं।
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