Result Day से पहले TMC अलर्ट, ममता ने एजेंटों को दिए सख्त निर्देश
बंगाल चुनाव परिणाम: नतीजों से पहले ममता का 'मिशन काउंटिंग', एजेंटों को दिए जीत का सर्टिफिकेट मिलने तक डटे रहने के निर्देश
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने में अब महज 48 घंटे का समय बचा है। मतगणना से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को मोर्चा संभाल लिया है। पार्टी ने किसी भी प्रकार की 'मानवीय चूक' या 'धांधली' को रोकने के लिए अपने काउंटिंग एजेंटों की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक बुलाई है।
291 सीटों के एजेंटों के साथ महामंथन
यह वर्चुअल बैठक शनिवार शाम 4 बजे आयोजित की गई है, जिसमें उन सभी 291 निर्वाचन क्षेत्रों के एजेंट शामिल होंगे जहाँ तृणमूल कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं। शेष 3 सीटों पर टीएमसी की सहयोगी 'भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा' (BGPM) के एजेंटों को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
काउंटिंग एजेंटों के लिए 'डू एंड डॉन्ट्स' (सख्त निर्देश)
पार्टी नेतृत्व ने अपने एजेंटों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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मैदान न छोड़ें: एजेंटों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे मतगणना पूरी होने और उम्मीदवार को जीत का आधिकारिक सर्टिफिकेट मिलने से पहले केंद्र से बाहर न निकलें।
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संदिग्ध हलचल पर नजर: 2021 के नंदीग्राम चुनाव का हवाला देते हुए नेताओं ने कहा कि यदि बिजली गुल होने जैसी कोई भी संदिग्ध घटना दिखे, तो फौरन शीर्ष नेतृत्व को सूचित करें।
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तालमेल और धैर्य: किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में एजेंट खुद फैसला लेने के बजाय पार्टी मुख्यालय के अगले आदेश का इंतजार करेंगे।
तकनीकी चुनौती: क्यूआर कोड और मोबाइल
चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के लिए क्यूआर कोड तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसे ध्यान में रखते हुए:
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टीएमसी ने ऐसे एजेंटों को प्राथमिकता दी है जो स्मार्टफोन और नई तकनीक के संचालन में माहिर हैं।
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स्ट्रॉन्गरूम से ईवीएम बाहर आने के बाद से लेकर अंतिम राउंड तक की प्रक्रिया का एजेंटों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया है।
ममता बनर्जी की चिंता और रणनीति
ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की भारी जीत का दावा तो किया है, लेकिन वे ईवीएम और स्ट्रॉन्गरूम की सुरक्षा को लेकर लगातार संशय जता रही हैं।
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शुक्रवार शाम को ममता और अभिषेक बनर्जी के बीच कालीघाट स्थित आवास पर घंटों रणनीति तैयार की गई।
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मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से स्ट्रॉन्गरूम के बाहर 'अतिरिक्त पहरा' देने की अपील की है।
हालिया बवाल और तनावपूर्ण माहौल
बता दें कि गुरुवार देर रात कोलकाता के दो प्रमुख केंद्रों— सखावत मेमोरियल स्कूल और खुदीराम अनुशीलन केंद्र—पर भारी हंगामा हुआ था।
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ममता बनर्जी खुद रात में सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंची थीं और करीब चार घंटे तक वहां डटी रहीं।
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टीएमसी नेताओं का आरोप था कि उनकी अनुपस्थिति में स्ट्रॉन्गरूम के भीतर कुछ अनधिकृत गतिविधियां हो रही थीं। हालांकि, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बताया है।
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