सिलेंडर महंगा, अब पेट्रोल की बारी: राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा वार
नई दिल्ली | देशभर में आम चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होते ही आम आदमी की जेब पर महंगाई की बड़ी मार पड़ी है। तेल विपणन कंपनियों ने आज यानी 1 मई से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹993 की भारी बढ़ोतरी कर दी है। इस ऐतिहासिक वृद्धि के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब ₹3,071.50 पर पहुंच गई है। इसके साथ ही 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर के दाम में भी ₹261 की वृद्धि की गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। बाजार जानकारों का मानना है कि मिडिल ईस्ट (ईरान-इजराइल) में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता के चलते सरकार को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है, जिसका सीधा असर अब होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर पड़ना तय है।
राहुल गांधी ने केंद्र को घेरा: 'चुनाव खत्म, महंगाई शुरू' का नारा देकर साधा निशाना
एलपीजी की कीमतों में इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे 'चुनावी बिल' करार देते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि मतदान खत्म होते ही महंगाई की गर्मी बढ़ेगी। राहुल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि एक ही दिन में ₹993 की यह वृद्धि अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़ोतरी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों में कमर्शियल गैस के दाम 81 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे चाय वाले, ढाबा चलाने वाले और छोटे मिठाई विक्रेताओं की रसोई पर भारी बोझ पड़ गया है। राहुल गांधी ने यह अंदेशा भी जताया कि गैस के बाद अब जल्द ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी भारी इजाफा कर जनता को दूसरी मार दी जाएगी।
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