सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण
रायपुर : तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य व्यापक स्तर पर सुचारू रूप से जारी है। कुछ स्थानों पर संग्रहण बंद होने की भ्रामक खबरों के बीच वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में तेंदूपत्ता की खरीदी पूरी तरह चालू है और संग्राहकों से लगातार पत्ते लिए जा रहे हैं।
सुकमा जिले के वनमंडलाधिकारी अक्षय भोंसले ने जानकारी दी कि जिले में कुल 727 तेंदूपत्ता फड़ संचालित हैं। इनमें से लगभग 350 फड़ों में संग्रहण और खरीदी शुरू हो चुकी है, जबकि शेष केंद्रों में भी जल्द ही यह कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अब तक जिले में 35 हजार से अधिक मानक बोरे तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है। उन्होंने बताया कि किस्ताराम, गोलापल्ली, कोंटा और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में प्राकृतिक और भौगोलिक कारणों से तेंदूपत्ता देर से तैयार होता है। इन क्षेत्रों में भी अगले एक सप्ताह के भीतर संग्रहण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
वन विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक संग्राहकों से अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता खरीदना और उन्हें उचित मूल्य दिलाना है। यह कार्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों और वनवासियों की आय में वृद्धि हो सके।
विभाग ने यह भी बताया कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण कुछ स्थानों पर पत्तों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे पत्तों को नियमानुसार अलग किया गया है, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाले तेंदूपत्तों की खरीदी लगातार जारी है।
वन विभाग ने पुनः आश्वस्त किया है कि तेंदूपत्ता संग्रहण और खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगा और सभी पात्र संग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा।
राशिफल 04 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल