पाकिस्तान के हमले के बाद अफगानिस्तान में हड़कंप
कुनार: अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हवाई हमला, विश्वविद्यालय और आवासीय क्षेत्रों को बनाया निशाना; 7 की मौत, 75 घायल
काबुल/कुनार: अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में पाकिस्तानी सैन्य बलों द्वारा किए गए हवाई हमलों ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 से अधिक लोग घायल हैं। हमलों की तीव्रता को देखते हुए हताहतों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
आवासीय इलाकों और विश्वविद्यालय को बनाया निशाना
प्रांतीय राजधानी असदाबाद और सरकानो जिले सहित कई क्षेत्रों में सोमवार को बमबारी की गई। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इन हमलों में न केवल रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, बल्कि सैयद जमालुद्दीन अफगान विश्वविद्यालय परिसर पर भी मोर्टार और मिसाइलें दागी गईं।
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तबाही का मंजर: विस्फोटों के बाद प्रभावित क्षेत्रों से काले धुएं के गुबार उठते देखे गए। हमलों के डर से सैकड़ों नागरिक अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने को मजबूर हो गए।
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विश्वविद्यालय में दहशत: शैक्षणिक संस्थान पर हुए इस हमले में कम से कम 30 छात्र और प्रोफेसर घायल हुए हैं। परिसर की इमारतों को भी व्यापक नुकसान पहुँचा है।
अफगान सरकार ने जताया कड़ा विरोध
अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई की तीव्र निंदा की है। मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इसे "कायरतापूर्ण और क्रूर कृत्य" करार दिया है।
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अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों का उल्लंघन: मंत्रालय के अनुसार, शैक्षणिक संस्थान पर हमला करना इस्लामी और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के पूरी तरह खिलाफ है।
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उच्च शिक्षा मंत्री का निर्देश: उच्च शिक्षा मंत्री शेख नेदा मोहम्मद नदीम ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे इस हिंसा पर चुप्पी तोड़ें और कड़ी कार्रवाई करें।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ती कड़वाहट
बीते कुछ महीनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमाई विवाद और कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुँच गया है।
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आरोप-प्रत्यारोप: दोनों देश एक-दूसरे पर अस्थिरता फैलाने और आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं।
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विफल मध्यस्थता: स्थानीय स्तर पर शांति बहाली के प्रयास अब तक बेअसर रहे हैं। बार-बार हो रही गोलीबारी और हवाई हमलों ने सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
कुनार प्रांत के सरकारी अस्पतालों में घायलों की भीड़ लगी है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
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