यात्रियों ने उठाए सवाल—सिर्फ स्पेशल ट्रेनें ही क्यों हो रहीं प्रभावित
जबलपुर: भीषण गर्मी में 'स्पेशल' ट्रेनों ने छुड़ाए पसीने, 11 घंटे तक की देरी से यात्री बेहाल
जबलपुर। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और बढ़ते पारे के बीच रेलवे द्वारा चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनें यात्रियों के लिए सुविधा के बजाय मुसीबत का सबब बन गई हैं। भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई ये गाड़ियाँ घंटों की लेटलतीफी का शिकार हैं, जिससे मुसाफिरों में भारी रोष है। यात्रियों का तर्क है कि वे नियमित ट्रेनों के बराबर या उससे भी अधिक किराया चुका रहे हैं, फिर भी उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।
छोटे स्टेशनों पर घंटों का ठहराव, सुविधाओं का अभाव
यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि स्पेशल ट्रेनों को प्राथमिकता देने के बजाय हर छोटे स्टेशन पर रोक दिया जाता है, ताकि नियमित मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को रास्ता (पास) दिया जा सके। कई बार ट्रेनें ऐसे स्टेशनों पर खड़ी कर दी जाती हैं जहाँ न तो प्लेटफॉर्म पर शेड है और न ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था। चिलचिलाती धूप में घंटों फंसे रहने के कारण बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब हो रही है।
मंगलवार को देरी से चलने वाली प्रमुख ट्रेनें
आज 28 अप्रैल को जबलपुर से गुजरने वाली आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें कई घंटे पीछे चल रही हैं। मुख्य ट्रेनों की स्थिति इस प्रकार है:
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01666 अगरतला-रानी कमलापति: 11.00 घंटे देरी से
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03252 एसएमवीबी-दानापुर: 8.00 घंटे देरी से
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02131 पुणे-जबलपुर: 6.15 घंटे देरी से
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11272 भोपाल-इटारसी (विंध्याचल): 5.30 घंटे देरी से
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01449 पुणे-दानापुर: 5.00 घंटे देरी से
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09032 जयनगर-उधना: 4.45 घंटे देरी से
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11274 प्रयागराज छिवकी-इटारसी पैसेंजर: 4.40 घंटे देरी से
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01144 दानापुर-एलटीटी: 3.30 घंटे देरी से
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06509 एसबीसी-दानापुर हमसफर: 2.00 घंटे देरी से
रेलवे प्रशासन की चुप्पी से यात्री नाराज
यात्रियों का कहना है कि ट्रेन कब तक गंतव्य तक पहुंचेगी, इसके बारे में पूछताछ खिड़की या ऐप पर भी सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। भीषण गर्मी के इस मौसम में यात्रा का समय बढ़ने से कोच के भीतर तापमान असहनीय हो जाता है। रेल मुसाफिरों ने प्रशासन से मांग की है कि स्पेशल ट्रेनों को भी नियमित समय-सारणी के अनुसार चलाने के प्रयास किए जाएं ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
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