छात्रों के लिए राहत भरी खबर: भीषण गर्मी के चलते स्कूल समय में बदलाव, आदेश जारी
सागर : बढ़ते तापमान, गर्म हवाएं और भीषण गर्मी को देखते हुए मध्य प्रदेश के 2 जिलों में स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अशोकनगर और सागर में सभी स्कूलों के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। 14 अप्रैल 2026 को सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय और निजी विद्यालयों में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की कक्षाएं अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित की जाएंगी।
यह आदेश आगामी निर्देश तक प्रभावी रहेगा। आदेश के अनुसार, सभी शासकीय और निजी विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन नए समय के अनुसार किया जाएगा। परिस्थितियों को देखते हुए आगे भी आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। अशोकनगर में स्कूल सुबह 7:30 बजे से 12:30 बजे तक संचालित होंगे। इसके अलावा दोपहर 01:30 बजे तक स्कूल स्टाफ अन्य आवश्यक कार्य करेंगे।
बता दें कि मध्य प्रदेश में इन दिनों पारा 40 डिग्री से पार दर्ज किया जा रहा है। मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को सर्वाधिक अधिकतम तापमान नर्मदापुरम में 42.1 डिग्री डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में अगले प्रदेश के कई जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। अप्रैल अंत में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है।
गौरतलब है कि इस बार प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 1 मई 2026 से 15 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Vacation) रहेगा यानी करीब डेढ़ महीने तक स्कूल बंद रहेंगे। हालांकि, शिक्षकों के लिए यह अवकाश केवल 31 मई तक ही रहेगा, उन्हें जून के पहले सप्ताह से स्कूल में उपस्थित होना होगा।
रोजाना शकरकंद खाने से मिलते हैं जबरदस्त हेल्थ बेनिफिट्स
दिनभर की धूप के बाद Delhi में बारिश-ओले से मौसम ने ली करवट
TMC को घेरा, क्रिकेटर मनोज तिवारी के बयान से विवाद बढ़ा
नीलामी प्रक्रिया से बाहर किए जाने पर काल सोमानी ग्रुप ने जताई आपत्ति
20 वर्षीय बेगम के साथ शादी बनी सुर्खियों का कारण
United States बोला— टैरिफ लगाना हमारा अधिकार, Beijing पर बढ़ी टेंशन
शांति से जश्न मनाने की अपील, नहीं तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
मुख्यमंत्री के 'सुशासन' संकल्प से आ रहा बदलाव
ओवरटेक करने की कोशिश बनी मौत का कारण, एक्सप्रेसवे पर भीषण टक्कर
ओवरवेट महिलाओं को क्यों रहता है फाइब्रॉइड का ज्यादा जोखिम?