सीजफायर का असर: तेल सस्ता होते ही Sensex-Nifty में जोरदार उछाल
US-Iran Ceasefire: अमेरिका ने ईरान के साथ चल रही जंग को लेकर सीजफायर का ऐलान किया है. सीजफायर के ऐलान होते ही कच्चे तेली की कीमत भर-भराकर गिर गई और अमेरिकी शेयर बाजार में तूफानी तेजी आ गई. भारतीय शेयर बाजार में भी तगड़ी उछाल देखने को मिली है. निफ्टी करीब 800 अंक और सेंसेक्स 26,00 अंक बढ़ा है.
कच्चे तेली कीमत जो मंगलवार की रात लगभग 116 डॉलर प्रति बैरल रही है. वह गिरकर अब सिर्फ 95 डॉलर के करीब पहुंच गई है. यानी सीजफायर की घोषणा के बाद करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. डाउ जोंस फ्यूचर करीब 900 अंक उछला है. इसके साथ ही गिफ्ट निफ्टी भी करीब 3.5 प्रतिशत ऊपर है. भारतीय शेयर बाजार भी तगड़ी उछाल के साथ खुला.
क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के साथ दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमति जताई है. यह समझौता इस शर्त पर आधारित है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से तुरंत खोला जाएगा. ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान उस दौरान किया. जब उनकी डेडलाइन का समय खत्म होने वाला था. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोलता तो उस पर ऐसा हमला करेंगे कि याद रखेगा. क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से न सिर्फ अमेरिका बल्कि दुनियाभर के देशों को नुकसान हो रहा था. कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं.

तनाव कम करने के लिए अहम कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा करने के दौरान कहा कि यह तनाव कम करने के लिए अहम कदम है. ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना होगा. ट्रंप ने कहा कि सीजफायर का फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद लिया गया है.
प. एशिया तनाव बेअसर, भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI अप्रैल में 54.7
IPL फ्रेंचाइजी का सौदा विवादों में, क्या अटक जाएगा डील?
भारत-जमैका संबंध मजबूत, जयशंकर ने पीएम होलनेस से की मुलाकात
पश्चिम बंगाल में भाजपा का जश्न, तमिलनाडु में DMK बैकफुट पर
20 हजार दुग्ध उत्पादकों के साथ बड़ा सम्मेलन, CM करेंगे उद्घाटन
जावेद अख्तर ने फिल्म ‘धुरंधर’ पर कही बड़ी बात, विवाद हुआ तेज
ड्रैगन का सख्त रुख, अमेरिकी पाबंदियों को बताया दखलअंदाजी
स्वागत समारोह बना विवाद, अनंत सिंह के समर्थकों ने दिखाए हथियार
गोल्ड इन्वेस्टमेंट पर बड़ा सवाल: क्या अब भी है फायदे का सौदा?
रुझानों में TVK का दबदबा, तमिलनाडु में DMK तीसरे नंबर पर