रावघाट-जगदलपुर परियोजना को मिली हरी झंडी
रायपुर|छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र को रायपुर से जोड़ने वाली रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को केंद्रीय बजट 2026-27 में बड़ी राहत मिली है. इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 3513.11 करोड़ रुपये की पूरी राशि का प्रावधान किया गया है, जिससे फंड की कमी के कारण काम रुकने की आशंका खत्म हो गई है और अब निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है|
पिंक बुक में योजना की जानकारी
रेल मंत्रालय की पिंक बुक में इस परियोजना के साथ बस्तर में रेल नेटवर्क विस्तार की विस्तृत योजना पेश की गई है. इससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा|
एक दर्जन परियोजनाओं के सर्वे को मंजूरी
बजट में बस्तर संभाग की करीब एक दर्जन रेल परियोजनाओं के सर्वे के लिए भी राशि स्वीकृत की गई है. कुछ परियोजनाओं के प्रारंभिक सर्वे किए जाएंगे, जबकि कुछ के अंतिम सर्वे को आगे बढ़ाया जाएगा. इससे भविष्य में नई रेल लाइनों के निर्माण का रास्ता साफ होगा|
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास पर फोकस
चार दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर में अब हालात बदल रहे हैं. सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद सरकार का ध्यान तेजी से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर है. रेल नेटवर्क का विस्तार इस क्षेत्र के समग्र विकास में अहम भूमिका निभा सकता है|
निर्माण प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
रावघाट रेललाइन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे स्थानीय लोगों में अब उम्मीद जगी है कि जल्द ही यह रेललाइन धरातल पर नजर आएगी|
दशकों पुरानी मांग को मिला बल
बस्तर में रेललाइन की मांग नई नहीं है. वर्ष 1955 में जगदलपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में पहली बार इस क्षेत्र को रेल से जोड़ने की मांग उठी थी. इसके बाद 1966 में बैलाडीला से लौह अयस्क परिवहन के लिए कोत्तावालसा से किरंदुल तक रेललाइन बनाई गई. वर्ष 2010 में दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेललाइन बिछाने का काम शुरू हुआ, जिसमें अब तक अधिकांश ट्रैक तैयार किया जा चुका है|
अन्य परियोजनाओं और दोहरीकरण को भी बढ़ावा
बजट में धमतरी-नगरी-कोंडागांव, बचेली-बीजापुर-गढ़चिरौली और सुकमा-कोंटा-भद्राचलम जैसी परियोजनाओं के सर्वे के लिए राशि तय की गई है. साथ ही किरंदुल रेलखंड में दोहरी लाइन, जगदलपुर से कोत्तावालसा तक डबलिंग और ओड़िशा होते हुए भद्राचलम तक नई रेललाइन के लिए भी प्रावधान किया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी|
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