बिहार: नीतीश कुमार को Z+ सुरक्षा जारी, CM पद त्यागने के बावजूद सुरक्षा कवच बरकरार
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा मिलती रहेगी. इस संबंध में मंगलवार को गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से आदेश जारी किया गया है. ऐसे में राज्य सभा सदस्य बनने पर भी नीतीश कुमार की सुरक्षा बरकरार रहेगी.
नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा : गृह विभाग के आदेश से यह भी साफ हो गया है कि नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और राज्य सभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे. वर्तमान में नीतीश कुमार राज्य सभा के लिए निवार्चित हुए हैं. इसी कड़ी में नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है.
गृह विभाग के आदेश में क्या है? : पुलिस महानिदेशक व डीजी विशेष शाखा को निर्णय के आधार पर जेड सुरक्षा देने का निर्देश दिया गया है. गृह विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि, ''बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्योरिटी एक्ट- 2000 के तहत सुरक्षा दी जाएगी. नीतीश कुमार वर्तमान में राज्य सभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और निकट भविष्य में बिहार विधान परिषद की सदस्यता व मुख्यमंत्री पद से त्याग-पत्र देकर राज्य सभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे."
आदेश में आगे कहा गया है कि ''नीतीश कुमार की सुरक्षा की समीक्षा के दौरान जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया जाता है. ऐसे में इन्हें राज्य सरकार के निर्णय के आलोक में सुरक्षा प्रदान की जाय."
क्या होती है जेड प्लस सुरक्षा? : जेड प्लस सबसे हाई लेवल की सुरक्षा मानी जाती है. यह सुरक्षा वीआईपी या किसी बड़ी हस्ती को प्रदान की जाती है. यह सुरक्षा देश के विशिष्ट लोग जैसे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, केन्द्रीय गृहमंत्री समेत कई राजनेताओं को मिली हुई है.
Z प्लस में कितने जवान होते हैं तैनात : इस सुरक्षा में 55 हर समय सुरक्षा में तैनात हैं, जिसमें 24 जवान, 6 PSO, 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड, 2 एस्कॉर्ट, 5 वॉचर्स और एक इंस्पेक्टर शामिल है. सभी जवान 24 घंटे शिफ्ट के हिसाब से ड्यूटी करते है. इस सुरक्षा में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान भी शामिल होते हैं. सुरक्षा घेरे बुलेटप्रूफ गाड़ियां और एस्कॉर्ट वाहन की तैनाती रहती हैं.
10 अप्रैल को शपथ ग्रहण? : ऐसी चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता लेंगे. 16 मार्च को राज्यसभा के लिए नीतीश कुमार चुने गए थे. 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और अब जो जानकारी मिल रही है 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता ले लेंगे. 14 अप्रैल तक खरमास है तो खरमास के बाद फिर बिहार में नई सरकार बनाने की हलचल तेज होगी.
7 सर्कुलर रोड में फिर हो सकते हैं शिफ्ट : इसी कड़ी शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 सर्किल रोड स्थित बंगला को भी जाकर देखा था. मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सात सर्कुलर रोड बंगाल में ही मुख्यमंत्री रहेंगे. नीतीश कुमार पहले भी इस बंगले में रह चुके हैं.
विधान परिषद की सदस्यता से त्यागपत्र दे चुके हैं : इससे पहले जीतन नाम मांझी को हटाकर इसी बंगले से मुख्यमंत्री के पद पर नीतीश कुमार ने वापसी की थी और इसी बंगले से 2015 का विधानसभा चुनाव भी जीता था. सात सर्कुलर रोड बंगला के बगल में बिहार विकास मिशन का भी कार्यालय है. मुख्यमंत्री इसमें भी आकर बैठते रहे हैं और सुशासन के कार्यक्रमों की जानकारी लेते रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी किसी तरह की कोई परेशानी ना हो इसकी तैयारी शुरू हो गई है.
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