राजसात की प्रक्रिया बनी औपचारिकता, माफियाओं को मिल रहा संरक्षण
अंबिकापुर|अंबिकापुर में यूरिया खाद की कालाबाजारी के मामले में कृषि विभाग और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही करते हुए विजय ट्रेडिंग को सील कर दिया था, इसके बाद विजय ट्रेडिंग के गोदाम और दुकान में रखे गए खाद को राजसात करने का आदेश जारी किया गया, राजसात करने के लिए टीम का भी गठन किया गया, टीम गठित हुए एक महीने से अधिक का वक्त बीत चुका है लेकिन अब तक दुकान और गोदाम में रखे गए उर्वरक को राजसात नहीं किया जा सका है|
खाद की कालाबाजारी के खिलाफ सिर्फ कागजों में राजसात की कार्यवाही
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जानबूझकर कृषि विभाग और जांच दल के अधिकारी खाद माफिया को इस पूरे मामले से बचने के लिए वक्त दे रहे हैं ताकि वह कोर्ट से स्टे ला सके. वहीं कृषि विभाग के कुछ अधिकारी राजसात करने के लिए गठित टीम को अलग-अलग नियम कायदे में उलझाना चाह रहे हैं ताकि राजसात की कार्यवाही पूर्ण न हो सके, जबकि इस पूरे मामले में कलेक्टर ने सीधे तौर पर राजसात की कार्यवाही पूर्ण करने का निर्देश दिया हुआ है ऐसे में माना जा रहा है कि सरगुजा जिले के दूसरे खाद माफिया को भी खाद की कालाबाजारी करने के लिए हौसला मिलेगा|
दूसरी तरफ कृषि विभाग के आयुक्त और संचालक ने राज्य सरकार के आदेश पर पिछले दिनों एक आदेश जारी किया हुआ है. जिसमें साफ तौर पर लिखा है कि खाद माफिया पर शिकंजा करने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की जाए और हर सप्ताह सरकार को खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वाले माफिया की जानकारी दी जाए, इतना ही नहीं कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ पुलिस में भी अपराध दर्ज कराया जाए, सिर्फ खानापूर्ति ना की जाये, लेकिन यहां पर विजय ट्रेडिंग के गोदाम और दुकान में रखे गए खाद को राजसात करने की कार्रवाई सिर्फ कागजों में ही सीमित रह गई है|
अधिकारी मामले को दबाने का कर रहे प्रयास
बताया जाता है कि खाद की कालाबाजारी के खिलाफ फर्टिलाइजर इंस्पेक्टर और कृषि विभाग के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की थी और जांच में 4 हजार से अधिक यूरिया बोरी की अफरा तफरी का खुलासा किया था. लेकिन इसके बाद कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे मामले को दबाने के लिए पूरी साजिश कर ली है, इस पूरे खाद की कालाबाजारी के खिलाफ पहले ऐसी कार्यवाही देखने को नहीं मिली थी लेकिन खाद की कालाबाजारी का पूरा मामला पकड़ में आने के बाद अब जिस तरीके से कृषि विभाग के अधिकारियों के द्वारा माफिया को बचाने की साजिश की जा रही है उसे साफ जाहिर हो रही है कि प्रशासन और कृषि विभाग के ईमानदार अफसर के मनोबल पर असर पड़ेगा|"इस पूरे मामले को लेकर राजसात करने के लिए गठित समिति के नोडल अधिकारी और एसडीएम फागेश सिन्हा का कहना है कि कृषि विभाग ने इस पूरे मामले को पॉस मशीन में खाद को फुटकर में बेचने के लिये दर्ज किया है, ऐसे में राजसात कैसे किया जाए, इसके लिये प्रक्रिया करने की जानकारी दी है, उसके पूरा होने पर राजसात की जाएगी.दूसरी तरफ जानकार लोगों का कहना है कि कलेक्टर अपने अधिकार क्षेत्र में पूरे मामले को लेते हुए राजसात करने का सीधे तौर पर आदेश दे सकते हैं क्योंकि कलेक्टर के कोर्ट और कलेक्टर का आदेश आवश्यक वस्तु अधिनियम के मामलों में अंतिम माना जाता है|
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