कैदियों ने रखा पूरे नौ दिन का व्रत, दिखाया आत्मसंयम
रायपुर|चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर दुर्ग केंद्रीय जेल में आस्था, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. जेल की चारदीवारी के भीतर बंदियों ने भक्ति और आत्मचिंतन के जरिए पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया है. दुर्ग सेंट्रल जेल में 159 पुरुष और 39 महिला बंदियों ने पूरे नौ दिनों का उपवास रखा है, वहीं 60 मुस्लिम बंदी रोज़ा रखकर आपसी सौहार्द और धार्मिक एकता की मिसाल पेश कर रहे हैं.
सुबह-शाम होते हैं भजन-कीर्तन
सुबह-शाम होने वाले भजन-कीर्तन, जस गीतों और माता रानी की आराधना से पूरा परिसर गूंज रहा है. ज्योत-जवारे की स्थापना और नियमित आरती से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है. बंदियों की आस्था को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं.
बंदी पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना कर रहे हैं
उपवास रखने वालों को फल, दूध, मेवे और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े. साथ ही डॉक्टरों की टीम द्वारा लगातार स्वास्थ्य जांच की जा रही है. वहीं जेल अधीक्षक मनीष सम्भाकर ने बताया कि नवरात्रि के दौरान बंदी पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना कर रहे हैं. सुबह आरती के बाद जस गीत गाए जाते हैं, जिससे आध्यात्मिक माहौल और भी सशक्त होता है.
उपवास रखने वाले बंदियों का नियमित मेडिकल चेकअप
उन्होंने बताया कि सभी उपवास रखने वाले बंदियों का नियमित मेडिकल चेकअप भी किया जा रहा है. इस तरह के धार्मिक आयोजन न सिर्फ बंदियों के मानसिक और भावनात्मक विकास में सहायक हैं, बल्कि उन्हें आत्मसंयम, धैर्य और सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित भी करते हैं. दुर्ग केंद्रीय जेल आज भक्ति, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव की एक प्रेरणादायक तस्वीर बनकर उभर रहा है|
UP में बड़ा दांव! Chirag Paswan की एंट्री, सभी सीटों पर उतरने की तैयारी
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान
प्रचार बंद, अब सियासत का फैसला बड़े गठबंधन और नेताओं पर निर्भर
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, Indian National Congress ने झोंकी स्टार प्रचारकों की फौज
विक्रम यूनिवर्सिटी ने विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया
पाकिस्तान पर संकट गहराया! ईरान युद्ध के बीच Shehbaz Sharif का बड़ा फैसला—आज से लॉकडाउन
प्रशासन द्वारा हटाई गई दुकानों के खिलाफ अनोखा अंदाज