शहर के विकास पर फोकस, इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
भोपाल| नगर निगम, जिसे शहर सरकार भी कहा जाता है,अपना बजट 23 मार्च को पेश करने जा रहा है. इस बार बजट का आकार करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. फिलहाल टैक्स बढ़ाने को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया है, क्योंकि पिछले वर्ष टैक्स बढ़ोतरी पर जनप्रतिनिधियों, खासकर मंत्रियों और विधायकों ने आपत्ति जताई थी|
नई पार्किंग व्यवस्था का प्रस्ताव
आगामी परिषद बैठक में शहर में 14 नई पार्किंग बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा, जिनमें से पांच पार्किंग मेट्रो स्टेशनों के नीचे विकसित की जाएंगी. इन पार्किंग स्थलों पर करीब 40 चारपहिया और 250 दोपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे. 16 मार्च को हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए परिषद में लाया जाएगा. पार्किंग व्यवस्था को लेकर निगम ने पुलिस विभाग से भी सहमति प्राप्त कर ली है|
मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग की कमी
भोपाल मेट्रो के ऑरेंज लाइन के 6.22 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर में कुल आठ स्टेशन बनाए गए हैं, जिनमें सुभाष नगर, केंद्रीय विद्यालय, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं. हालांकि इन स्टेशनों पर अब तक पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. फिलहाल यहां केवल पिक एंड ड्रॉप की सुविधा उपलब्ध है, जिससे लोग वाहन से आ-जा तो सकते हैं, लेकिन उन्हें पार्क करने की अनुमति नहीं है. इस समस्या को देखते हुए पिछले दो महीनों से मेट्रो प्रशासन समाधान की दिशा में काम कर रहा था, जिसका हल अब नगर निगम ने निकाला है|
इन स्थानों पर बनेगी पार्किंग
प्रस्तावित योजना के तहत सुभाष नगर स्टेशन के दोनों गेट, केंद्रीय विद्यालय, डीबी मॉल, डीआरएम कार्यालय और अलकापुरी मेट्रो स्टेशन के नीचे पार्किंग विकसित की जाएगी. वहीं एमपी नगर, रानी कमलापति और एम्स स्टेशनों के नीचे फिलहाल पार्किंग निर्माण पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है. हालांकि इन स्थानों के आसपास वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था मौजूद है. रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर बड़ी पार्किंग पहले से उपलब्ध है, जिसका उपयोग यात्री कर रहे हैं. एम्स के पास मेट्रो की जमीन पर भविष्य में पार्किंग विकसित की जाएगी, जबकि एमपी नगर क्षेत्र में निगम की पार्किंग पहले से मौजूद है|
लीगेसी वेस्ट निपटान पर खर्च
इसके अलावा परिषद की बैठक में आदमपुर खंती में पड़े लीगेसी वेस्ट के निपटारे का प्रस्ताव भी लाया जाएगा, जिस पर लगभग 55.54 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. साथ ही नगर निगम के 145 अनुपयोगी वाहनों को कंडम घोषित करने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा, जिसे मेयर इन काउंसिल पहले ही मंजूरी दे चुकी है|
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