थलापति विजय की TVK पार्टी में 5 करोड़ की शर्त ने घेरा विवाद
Tamil Nadu Assembly Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान कर सकता है। इसको लेकर अभिनेता और नेता थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में पार्टी आयोजक बुसी आनंद (Bussy Anand) की ओर से क्षेत्रीय समन्वयकों की नियुक्ति के लिए बुलाई गई वर्चुअल बैठक में वास्तविक स्थिति सामने आई। बैठक में यह बात सामने आई कि पार्टी को ऐसे उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं, जिनके पास चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक लगभग 5 करोड़ रुपए हों। इसके चलते अधिकांश नेताओं ने गठबंधन करने का सुझाव दिया, जो पार्टी ने अब तक नहीं सोचा था। अभिनेता और नेता विजय ने TVK की शुरुआत करते हुए वादा किया था कि वह DMK, AIADMK और BJP के खिलाफ स्वतंत्र रूप से चुनौती देंगे।
वित्तीय बाधाएं और चुनावी वास्तविकता
TVK के पास कागजों पर उम्मीदवारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन बहुत कम उम्मीदवार ऐसी वित्तीय क्षमता रखते हैं, जो एक प्रतिस्पर्धी चुनावी अभियान चलाने के लिए आवश्यक है। चुनाव आयोग ने एक उम्मीदवार के आधिकारिक चुनावी खर्च की सीमा 40 लाख रुपए तय की है, लेकिन प्रतिस्पर्धी अभियान की वास्तविक लागत इससे कहीं अधिक होती है। इस वर्चुअल बैठक में लगभग 130 जिला नेता शामिल हुए, जिन्होंने उम्मीदवारों की वित्तीय स्थिति पर खुलकर चर्चा की। TVK के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि बैठक में शामिल लगभग तीन-चौथाई नेताओं ने गठबंधन के पक्ष में बात की, क्योंकि ऐसे उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं जो अपने चुनावी अभियान का खर्च स्वयं उठा सकें।
फिलहाल, TVK नेतृत्व अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है। लेकिन वर्चुअल बैठक ने कई पार्टी आयोजकों को यह कड़वी हकीकत दिखा दी कि एक राजनीतिक आंदोलन खड़ा करना फंडिंग जुटाने की तुलना में कहीं आसान हो सकता है।
असम में पीएम मोदी का निशाना, शाही परिवार के उम्मीदवारों पर कड़ा तंज
CSK की हार पर रायुडू का गुस्सा, डेथ ओवर बॉलिंग को ठहराया जिम्मेदार
MP में चुनावी गणित बदल सकता है, कांग्रेस को सता रहा क्रॉस वोटिंग का खतरा
हेमकुंड साहिब: बर्फ से ढका मार्ग, संयुक्त टीम ने पैदल पहुंचकर लिया जायजा
RCB के मैदान पर धमाल के पीछे कौन? टिम डेविड ने लिया नाम
Stock Market Update: सेंसेक्स में 400+ अंकों की तेजी, निफ्टी 22800 के ऊपर
Rajendra Bharti की सदस्यता जाने से कांग्रेस की गणित बिगड़ी