आंखों से नहीं देख सकते, लेकिन सपनों की उड़ान ऊंची: रविराज बने UPSC टॉपरों में शामिल
नवादा।वादा जिले के अकबरपुर प्रखंड स्थित महुली गांव के निवासी दृष्टिबाधित युवक रविराज ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 20वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। रविराज की इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इरादे और लगातार मेहनत के दम पर किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।
किसान परिवार से आने वाले रविराज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल नवादा जिले का नाम रोशन हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए वे प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
पहले भी बीपीएससी में हासिल कर चुके हैं सफलता
रविराज इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए राजस्व अधिकारी के पद पर चयन प्राप्त किया था। उस परीक्षा में भी वे अपने जिले के टॉपर रहे थे। दृष्टिबाधित रविराज ने कड़ी मेहनत और अटूट दृढ़ इच्छाशक्ति से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 182वीं रैंक (AIR 182) हासिल की थी। अब यूपीएससी में शानदार रैंक हासिल कर उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
शिक्षा का सफर और तैयारी का तरीका
रविराज की प्रारंभिक शिक्षा दयाल पब्लिक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई सत्येंद्र नारायण सिंह इंटर स्कूल से पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने सीताराम साहू कॉलेज में दाखिला लिया और वहां से राजनीति विज्ञान विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। रविराज ने बताया कि यूपीएससी की परीक्षा में उन्होंने एक बार फिर सफलता हासिल की है।
घर पर रहकर की 8 से 10 घंटे पढ़ाई
अपनी तैयारी के बारे में रविराज ने बताया कि उन्होंने घर पर रहकर ही नियमित रूप से पढ़ाई की। वे प्रतिदिन लगभग 8 से 10 घंटे तक अध्ययन करते थे। उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ तैयारी की, जिसका परिणाम आज उनके सामने है।
गांव में जश्न का माहौल
रविराज की इस उपलब्धि से महुली गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। गांव के लोग और स्थानीय जनप्रतिनिधि उन्हें बधाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके क्षेत्र से यह पहला मौका है जब किसी छात्र ने यूपीएससी में इतनी अच्छी रैंक हासिल की है।
परिवार को बेटे की सफलता पर गर्व
रविराज के माता-पिता भी अपने बेटे की सफलता से बेहद खुश हैं। उनकी मां विभा सिन्हा ने बेटे की मेहनत और संघर्ष को याद करते हुए भावुक होकर उसकी सफलता की कहानी साझा की। वहीं पिता रंजन कुमार सिन्हा ने कहा कि बेटे की लगन और मेहनत ने आज पूरे परिवार का सपना पूरा कर दिया है।
नवादा शहर में रहते हैं रविराज
फिलहाल रविराज नवादा शहर के नवीन नगर मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। हालांकि इस समय वे नवादा से बाहर हैं और घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं है। फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी अखिल भारतीय 20वीं रैंक मिलने की पुष्टि की।
मां का रहा सबसे बड़ा योगदान
रविराज की सफलता के पीछे उनकी मां विभा सिन्हा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी मां उन्हें पढ़कर सुनाती थीं और रविराज सुनकर उसे याद करते थे। इतना ही नहीं, उनकी मां उनके नोट्स तक लिखती थीं।
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