मेजबान श्रीलंका टी20 विश्वकप 2026 के सुपर-8 राउंड से बाहर होने वाली पहली टीम बनी। न्यूजीलैंड के खिलाफ 61 रन की बड़ी हार ने सेमीफाइनल में पहुंचने के उसके सभी रास्तों को बंद कर दिया। ग्रुप स्टेज में श्रीलंका का प्रदर्शन शानदार रहा था। उसने आयरलैंड, ओमान और फिर ऑस्ट्रेलिया को हराकर दबदबा बनाया। हालांकि, पिछले तीन मैचों में टीम जीत की पटरी से उतर गई। जिम्बाब्वे और इंग्लैंड के बाद न्यूजीलैंड से शिकस्त के बाद टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई। 2014 टी20 विश्वकप के बाद से श्रीलंका का सफर इस टूर्नामेंट में अच्छा नहीं रहा है। पिछले पांच संस्करणों से उसका नॉकआउट या सेमीफाइनल स्टेज में पहुंचने का सूखा जारी है। आइए जानते हैं...

2014 में श्रीलंकाई टीम बनी थी चैंपियन

2014 टी20 विश्वकप में दिनेश चांदीमल और लसिथ मलिंगा की अगुआई में महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा जैसे दिग्गजों से सजी टीम चैंपियन बनी थी। इसके बाद से टीम का सफर इस टूर्नामेंट में कुछ खास नहीं रहा है। इसके बाद लगातार पांच बार श्रीलंकाई टीम सेमीफाइनल या नॉकआउट में पहुंचने से पहले ही बाहर हुई है। 
 
2016 टी20 विश्वकप में श्रीलंका को सुपर-10 स्टेज से बाहर का रास्ता देखना पड़ा था। उसने सुपर-10 में चार में से सिर्फ एक मैच जीता था। तब श्रीलंकाई टीम वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के साथ एक सुपर-10 ग्रुप में थी।
2021 टी20 विश्वकप में श्रीलंकाई टीम सुपर-12 राउंड से बाहर हो गई थी। उसने सुपर-12 राउंड में पांच में से सिर्फ दो मैच जीते थे। उसके ग्रुप में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, द. अफ्रीका, वेस्टइंडीज और बांग्लादेश जैसी टीमें थीं।
2022 टी20 विश्वकप में भी श्रीलंकाई टीम सुपर-12 राउंड से बाहर हो गई थी। उसने सुपर-12 में पांच में से दो मैच जीते। उसके ग्रुप में न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और अफगानिस्तान जैसी टीमें थीं।
2024 टी20 विश्वकप में तो श्रीलंकाई टीम पहले राउंड यानी ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। ग्रुप स्टेज में उसने चार में से एक मैच में जीत हासिल की थी। उसके ग्रुप में दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, नीदरलैंड और नेपाल जैसी टीमें थीं।
2026 में 2024 के मुकाबले तो प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन टीम सुपर-8 में ग्रुप स्टेज वाले प्रदर्शन को दोहराने में कामयाब नहीं हो सकी और सुपर-8 से बाहर हो गई।

श्रीलंका का 2014 से पहले का हाल

बात अगर 2014 में चैंपियन बनने से पहले की करें तो भी श्रीलंका का प्रदर्शन बेहद कंसिस्टेंट रहा था। 2014 से पहले श्रीलंका की टीम चार संस्करणों में से तीन में नॉकआउट राउंड में पहुंची थी। इनमें से दो फाइनल शामिल हैं। 2007 में श्रीलंकाई टीम सुपर-8 से बाहर हुई थी। 2009 और 2012 में श्रीलंकाई टीम उपविजेता रही थी। 2010 में श्रीलंका की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी।

खिताबी रेस से बाहर होने पर श्रीलंकाई कप्तान मायूस

न्यूजीलैंड के हाथों 61 रन से हार के बाद कप्तान दासुन शनाका निराश हैं। उनका मानना है कि घरेलू दर्शकों को निराश करना वाकई बहुत शर्मनाक होता है। बुधवार को आर प्रेमदासा स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने सात विकेट खोकर 168 रन बनाए। इस पारी में कप्तान मिचेल सैंटनर (47) और कोल मैककोन्ची (नाबाद 31) के बीच 84 रन की साझेदारी हुई। इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम 20 ओवरों में आठ विकेट खोकर 107 रन ही बना सकी।

'घरेलू दर्शकों को निराश करना शर्मनाक'

श्रीलंकाई कप्तान दासुन शनाका ने कहा, 'घरेलू दर्शकों को निराश करना वाकई बहुत शर्मनाक होता है। वे हमेशा हमारा समर्थन करते रहे हैं। हमने शुरुआत अच्छी की थी, लेकिन सच कहूं तो मिचेल सेंटनर और कोल मैककोन्ची की साझेदारी शानदार रही, जिसने मैच हमसे दूर कर दिया। हमारी योजना उन्हें करीब 130 रनों पर रोकने की थी, लेकिन ईमानदारी से कहूं तो हमारे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के सामने भी उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी की। इसलिए हमें उन्हें श्रेय देना होगा।'

'बल्लेबाजों को अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी'

उन्होंने कहा, 'बल्लेबाजों को शीर्ष क्रम में अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। हम एक-दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रह सकते। सभी बल्लेबाजों को सकारात्मक विकल्प अपनाने होंगे। अगर आप सकारात्मक खेलते हुए आउट भी होते हैं, तो डगआउट में लौटते वक्त संतोष रहता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ, हमने चांस नहीं लिए। यह टी20 क्रिकेट है, यहां इरादा और आक्रामकता दिखानी ही पड़ती है।'

पाकिस्तान से मैच पर कप्तान का जवाब

श्रीलंका खिताबी रेस से बाहर है। हालांकि, टीम 28 फरवरी को अपना अंतिम सुपर-8 मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी। कप्तान ने भरोसा जताया है कि टीम शानदार अंदाज में अपने विश्व कप अभियान का समापन करेगी।  दासुन शनाका ने कहा, 'अब एक और मैच है और हमें उसे मजबूती से खत्म करना होगा। उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।'