कलयुगी बेटा! ऑनलाइन गेम की लत ने बनाया कातिल, पिता ने 20 लाख नहीं दिए तो उतार दिया मौत के घाट
सरायकेला के गम्हरिया में टीजीएस कर्मी रामनाथ दास को अर्ली सेपरेशन स्कीम (ईएसएस) में लगभग 20 लाख मिले थे. यही पैसा उनका काल बन गया. पिता को ईएसएस में टाटा स्टील से मिली रकम पर बेटे मनसा दास की बुरी नजर थी. उन पैसों को लेकर दोनों के बीच काफी विवाद और मारपीट की स्थिति लगातार बनी रहती थी.
ऑनलाइन गेम काफी पैसे गंवाए
बेटे ने ऑनलाइन गेम के लत में काफी पैसे गवां दिए थे. इसलिए मनसा को बराबर पैसों की जरूरत पड़ती रहती थी. वो पिता से पैसे मांगता जिसको लेकर दोनों के बीच हमेशा लड़ाई होती थी. बीते मंगलवार को पैसे को लेकर दोनों के बीच फिर से विवाद हुआ जिसमें उसने आपने पिता की हत्या कर दी.
रामनाथ के साथ काम करने वालों ने कहा
मृतक के साथ काम करने वालों ने बताया कि शारीरिक रूप से रामनाथ काफी कमजोर हो गए थे इसलिए वो टाटा स्टील से ईएसएस लेकर 31 जनवरी 2025 तक ही काम किया. 1 फरवरी 2025 से सेवानिवृत्ति लेकर कंपनी के ही क्वार्टर में रहने लगे थे. इस बीच उन्होंने क्वार्टर को छोड़ने का भी निर्णय लिया था. क्वार्टर छोड़ने की बड़ी वजह यह थी कि उन्हें ग्रेच्युटी को साथ और भी मद की राशि का भुगतान कंपनी से लंबित था. क्वार्टर छोड़ने के बाद ही उन्हें सभी राशियों का भुगतान किया जाता.
इसके साथ ही बताया गया कि उन्होंने काफी देर से टीजीएस में ज्वॉइन किया था. कम समय की नौकरी के बाद वे ईएसएस लिए थे. जिसमें नौकरी छोड़ने के बाद उन्हें करीब 20 लाख रुपये के आसपास तक की राशि मिली होगी.
बेटे की बुरी लतों से काफी चिंता में थे पिता
रामनाथ दास हमेशा बेटे की बुरी लत से काफी परेशान रहते थे. टीजीएस कॉलोनी के जी 2 क्वार्टर में रहने वाले रामनाथ की ईएसएस लेने और बेटे की स्थिति से हमेशा परेशानी से उनकी शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही थी. इसलिए वो कभी-कभी ही बाहर निकलते थे और कॉलोनी के लोगों के साथ अड़ोस-पड़ोस से भी दूर रहते थे. बेटा मनसा ही उनकी देखरेख करता था. रामनाथ की पत्नी और एक पुत्र की पहले ही मौत हो गई थी जिस कारण वो काफी टूट चुके थे. मनसा की ऑनलाइन गेंमिग की लत से भी परेशान थे. मनसा गेम के चक्कर में काफी चिड़चिड़ा और गुस्सैव प्रवृति का बन गया था.
पत्नी भी छोड़ गई मायके
मनसा की पैसों को लेकर इतनी बुरी लत थी कि वो अपने ही पत्नी और पिता के साथ मारपीत करता था. इतनी प्रताड़ना और मारपीट के कारण मनसा की पत्नी उसे छोड़कर अपने मायके चली गई थी. पिता रामनाथ को बेटे मनसा का साथ क्वार्टर में रहना मजबूरी सी बन गई थी. आंशका के अनुसार, मंगलवार को भी दोनों के बीच पैसों को लेकर ही लड़ाई हुई थी.
राशिफल 23 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर