एक हफ्ते में सुनवाई, लाखों लोगों पर कार्रवाई की तैयारी
गोरखपुर|यूपी में मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में नोटिस प्रिंट होने लगा है। अब बीएलओ नोटिस लेकर बिना मैपिंग वाले मतदाताओं के घर जाएंगे। नोटिस में मतदाताओं को निर्धारित स्थान व तिथि दर्ज रहेगी, जिसमें मतदाताओं को ईआरओ के समक्ष प्रस्तुत होकर अपने बारे में बताने के लिए बुलाया जाएगा। ऐसी स्थिति में लोगों को पहले से ही दस्तावेज तैयार रखने में सुविधा होगी ताकि मौके पर ही बीएलओ दस्तावेज अपलोड कर दें।भारत निर्वाचन की ओर से मंगलवार शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए नोटिस बांटने और सुनवाई के माध्यम से निर्वाचन अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। जिले में बिना मैपिंग वाले 3, 22, 468 मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा, क्योंकि उनकी मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से नहीं हुई है। ऐसे मतदाताओं में जिन लोगों के दस्तावेज जमा होंगे, उनके नाम सूची में शामिल हो जाएंगे।
ब्राह्मणों की चाहत पूरी होगी, क्षत्रिय-यादव समाज का भी होगा कल्याणः मायावती
एक जुलाई 1987 से पहले जन्मतिथि वाले मतदाताओं को स्वयं के दस्तावेज देने होंगे, जबकि उसके बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को माता-पिता में किसी एक के दस्तावेज जमा करने होंगे। 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले मतदाताओं को अपने माता पिता के दस्तावेज भी जमा करने होंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व, विनीत कुमार सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि नोटिस अपलोड होने हो रहा है, गुरुवार से जारी होगा और शुक्रवार से बांटने में तेजी आएगी।
फोटो के लिए लिंक, सुधार के लिए भरना होगा फार्म
एसआईआर में फोटो और नाम में त्रुटियां होने के मामले में सुधार किया जा रहा है। बीएलओ एप में दो दिन पहले एक सुविधा देते हुए लिंक दी गई है कि बीएलओ मतदाताओं के फोटो अपडेट कर सकते हैं। इसमें 2025 या एसआईआर की फोटो सलेक्ट करने का विकल्प आ रहा है, जबकि नई फोटो भी अपलोड की जा सकती है। नाम में त्रुटियों के सुधार के लिए फार्म-8 भरवाया जा रहा है, जबकि नाम जोड़ने के लिए फार्म-6 एवं नाम काटने के लिए फार्म-7 भरना है।
राशिफल 23 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन
चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर
कौशल और सामाजिक उद्यमिता से होगा भारत विकसित : राज्यपाल पटेल
द्वारका नगरी योजना से शहरी विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से बदली तस्वीर