झारखंड में कड़ाके की ठंड का 'सेकंड फेज' शुरू! अगले 48 घंटों में 3 डिग्री और गिरेगा पारा, जानें आपके जिले का हाल
Jharkhand Winter Update: झारखंड में सर्द हवाओं का असर लगातार तेज होता जा रहा है। उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की स्थिति बन गई है। गुरुवार सुबह राजधानी रांची सहित कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई और आम जनजीवन प्रभावित हुआ। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर अधिक महसूस किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, 27 और 28 दिसंबर को न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि दिन के समय मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन सुबह और रात के वक्त तेज कनकनी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य और यात्रा को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
Jharkhand Winter Update के तहत शुक्रवार को रांची सहित 12 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। इनमें रांची, गढ़वा, पलामू, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग, चतरा और कोडरमा शामिल हैं। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो कांके में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री, गुमला में 4.0 डिग्री और रांची में 10.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। रांची बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर गुरुवार को 5 फ्लाइट रद्द करनी पड़ीं, जबकि 8 उड़ानें देरी से संचालित हुईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर, Jharkhand Winter Update को देखते हुए आने वाले दिनों में ठंड से बचाव और सावधानी बेहद जरूरी है।
आज का राशिफल (1 अप्रैल 2026): जानिए करियर, प्यार और सेहत का हाल
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
बैंक ने तय किया 686 करोड़ का मुआवजा, एपिस्टीन केस की पीड़ितों के लिए राहत
ट्रंप ने दिया शांति का संकेत, होर्मुज पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं होने पर भी युद्ध स्थगित
जहां चुनावी जीत में शामिल है जादू, भारत का अनोखा शहर
2047 के विकसित भारत के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों के दिलवाए 5 संकल्प
पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष
उद्योग मंत्री देवांगन ने तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
आसमान में मंडराता खतरा: मिडिल-ईस्ट संघर्ष का भारत पर असर