जले वाहन और चीख-पुकार के बीच मची दहशत, 13 मौतें और 79 घायल, मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना
मथुरा | उत्तर प्रदेश के मथुरा में मंगलवार सुबह 4:30 बजे हुए हादसे ने सभी को हिलाकर रख दिया. 7 बसें और 3 कारों में लगी भीषण आग को देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए |इस हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 79 लोग घायल हो गए. इनमें से कई घायलों की हालत काफी गंभीर है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मौत का आंकड़ां अभी और बढ़ सकता है. हादसे के वक्त मौके पर मौजूद लोगों ने जो देखा, उसे सुनकर दिल दहल उठता है |
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इससे पहले इतना भयावह हादसा जिंदगी में कभी नहीं देखा. अचानक से बम फटने जैसी आवाज आई तो आसपास के गांव वाले मौके पर पहुंचे और आग का तांडव देखकर सहम गए. घायलों में से कुछ को जिला अस्पताल, कुछ को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि दो घायलों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया |
अस्पताल पहुंच रहे घायलों के परिजन
घटना की जानकारी जैसे ही घायलों के परिजन को मिली, सभी अपनों को खोजने के लिए अस्पताल पहुंचे और अस्पताल में चीख-पुकार मच गई. दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर बलदेव थाना क्षेत्र में ये हादसा उस समय हुआ, जब आगरा से नोएडा की ओर जा रही बसें और गाड़ियां आपस में टकराकर आग का गोला बन गईं. इस हादसे के बाद मौके पर राख ही राख नजर आ रही है, जिन बसों में सवार होकर यात्री निकले थे. उन बसों और गाड़ियों का अब सिर्फ लोहे का ढांचा ही बचा है. हादसे के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए मार्ग परिवर्तन किया गया. अन्य यात्रियों को सरकारी वाहनों से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया |
कम विजिबिलिटी की वजह से हुआ हादसा
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार का कहना है कि ये हादसा कोहरे के चलते कम विजिबिलिटी की वजह से हुआ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा शोक जताया है. उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं. साथ ही घायलों के समुचित और फ्री इलाज के आदेश भी दिए गए हैं |
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