झारखंड में PESA कानून लागू होने की उलटी गिनती शुरू! जानें CM हेमंत सोरेन के इस फैसले से सीधे आप पर क्या पड़ेगा असर?
रांची। झारखंड में लंबे समय से लंबित पड़ी Jharkhand PESA नियमावली लागू होने की दिशा में अब अहम कदम बढ़ चुका है। पंचायती राज विभाग द्वारा तैयार ड्राफ्ट को कैबिनेट विभाग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अंतिम मंजूरी के लिए भेज दिया है। जैसे ही मुख्यमंत्री से अनुमोदन मिलेगा, प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार दोपहर 2 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को शामिल किया जा सकता है। मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलते ही पूरे राज्य में पेसा नियमावली औपचारिक रूप से लागू हो जाएगी। इस प्रक्रिया के तेजी से आगे बढ़ने का कारण झारखंड हाईकोर्ट का वह निर्देश है, जिसमें सरकार को नियमावली जल्द लागू करने को कहा गया था।
राज्य में पेसा नियमावली लागू न होने के कारण कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। खासकर बालू घाटों का संचालन पूरी तरह बाधित है। 18 जिलों में बालू घाटों की नीलामी पूरी हो चुकी है, लेकिन नियमावली के अभाव में वैध निकासी पर रोक लगी हुई है। ऐसे में Jharkhand PESA नियमावली लागू होते ही यह समस्या खत्म होने की उम्मीद है।
सूत्र बताते हैं कि सरकार इस नियमावली को विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले लागू करना चाहती है ताकि विपक्ष के सवालों का प्रभावी जवाब दिया जा सके।
कैबिनेट बैठक में वर्ष 2026 के लिए सरकारी छुट्टियों की सूची को भी मंजूरी मिलने की संभावना है। प्रस्तावित कैलेंडर में साल 2026 में मिलने वाली सभी छुट्टियों का विस्तृत विवरण शामिल है।
राज्य सरकार की इस तेजी से स्पष्ट है कि Jharkhand PESA नियमावली अब बहुत जल्द जमीन पर उतरने वाली है, जिससे ग्रामीण प्रशासन और स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन में बड़ा बदलाव दिखाई देगा।
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