दिल्ली बम धमाके के बाद हड़कंप मचाने वाली अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन हमूद सिद्दीकी के महू स्थित चार मंजिला मकान पर कार्रवाई की तलवार लटका दी
इंदौर महू। दिल्ली बम धमाके के बाद हड़कंप मचाने वाली अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और ट्रस्ट प्रमुख जवाद सिद्दीकी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। महू छावनी परिषद ने जवाद और उसके भाई हमूद सिद्दीकी के महू स्थित चार मंजिला मकान पर कार्रवाई की तलवार लटका दी है। यह घर पत्ती बाजार स्थित कायस्थ मोहल्ला में है और कैंट बोर्ड ने इसे अनधिकृत निर्माण घोषित कर दिया है। बोर्ड ने धमाके से जुड़े दस्तावेज़ों की जांच के बाद मकान पर बड़ा नोटिस चस्पा करते हुए तीन दिन में कब्जाधारी को खुद निर्माण हटाने का आदेश थमा दिया है। अल्टीमेटम साफ है निर्माण खुद गिराओ, वरना कैंट बोर्ड गिराएगा और खर्च भी तुमसे ही वसूल करेगा।छावनी क्षेत्र में इस तरह की कड़ी कार्रवाई बेहद कम देखने को मिलती है, लेकिन दिल्ली धमाके की कड़ियों ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

बता दें कि दिल्ली में हुए विस्फोट का मुख्य आरोपित उमर नबी, सीधे अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था। जांच एजेंसियों ने जब यूनिवर्सिटी की परतें खोलीं तो कई चौंकाने वाली जानकारियाँ बाहर आईं—जिनमें यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ गंभीर अनियमितताएँ, विवादित गतिविधियाँ और संदिग्ध संपर्क भी शामिल हैं।इसी सिलसिले में यूनिवर्सिटी के मालिक जवाद सिद्दीकी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उधर, उसका भाई हमूद सिद्दीकी भी कानून के शिकंजे में आ चुका है।
25 साल पुराना बड़ा धोखाधड़ी केस
दोनों भाइयों का यह चार मंजिला मकान उनके पिता हम्माद अहमद सिद्दीकी के नाम पर है, जो महू के शहर काज़ी रह चुके हैं। अब प्रशासन मकान को भी जांच के दायरे में लेकर आगे की कार्रवाई में कोई नरमी नहीं बरत रहा।
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