हॉस्टल बना डर का घर: अधीक्षक और पत्नी की बदसलूकी से सहमे बच्चे, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
उमरिया: जिले में आदिवासी छात्रों के साथ बुरा व्यवहार होने की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि रहने के लिए छात्रावास में अच्छी व्यवस्था नहीं है। खाने को लेकर भी दिक्कतें हैं। इन सब बातों से परेशान होकर बच्चे कलेक्टर के पास शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि छात्रावास अधीक्षक और उनकी पत्नी उन्हें परेशान करते हैं।
क्या है पूरा मामला
आदिम जाति कल्याण विभाग के छात्रावास, करकेली में बच्चे बहुत परेशान हैं। 50 बच्चों की जगह में 100 बच्चों को रखा जा रहा है। एक बेड पर दो-तीन बच्चों को सोना पड़ता है। खाना ठीक नहीं बनता और शिकायत करने पर मार पड़ती है। छात्र मनमोहन सिंह ने कहा, '50 सीटर हॉस्टल में एससी और एसटी के 100 बच्चों को रखा जाता है जबकि दूसरा 50 सीटर हॉस्टल बना हुआ है, उसको नहीं खोला जा रहा। सर की वाइफ जूनियर बच्चों के साथ मारपीट करती हैं।'
नए हॉस्टल को नहीं खोला जा रहा
छात्र प्रवीण कुमार झारिया ने बताया कि नया हॉस्टल बना है, लेकिन उसे खोला नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हमारी समस्या यह है कि 50 सीटर हॉस्टल में 100 बच्चों को रखा जाता है जबकि नया हॉस्टल बना हुआ है उसको नहीं खोला जाता है।
कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश
डिप्टी कलेक्टर हरनीत कौर कलसी ने कहा कि कलेक्टर ने अधिकारियों को जांच करने के लिए कहा है। वे देखेंगे कि बच्चों को किस नियम के अनुसार रखा जा रहा है। दुर्व्यवहार की शिकायत पर भी जांच होगी। उन्होंने कहा, 'आज हॉस्टल के कुछ छात्र-छात्राएं कलेक्टर सर के पास आए थे और कलेक्टर सर द्वारा संबंधित अधिकारी को दिशा निर्देश दिए गए हैं।'
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