मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी कावड़ यात्रा संस्कार कावड़ यात्रा में इस बार शामिल नहीं हो पाने का मलाल लेकर आगा चौक निवासी माछलय कोरी खुद को बेड़ियों में बांध कर कावड़ यात्रा पर निकल पड़े तीसरे सोमवार को उन्होंने नर्मदा के ग्वारीघाट से कैलाश धाम तक लगभग 35 किलोमीटर की पैदल यात्रा की शुरुआत की l उनका संकल्प है- जब तक भोलेनाथ को नर्मदा जल अर्पित नहीं करूंगा, तब तक शरीर से बेड़ियां नहीं हटाऊंगा l

जानकारी के मुताबिक, माछलय पहले भी साइकिल से लंबी यात्राएं कर चुके हैं, लेकिन इस बार कुछ अलग करने की ठानी है l उन्होंने कहा- देश में जिस तरह द्वेष और नफरत का माहौल बढ़ रहा है, उसे रोकने के लिए हमें सनातन संस्कृति की भावना को जन जन तक पहुंचाना होगा  l इसी उद्देश्य से मैं जंजीर पहनकर यात्रा का संकल्प लिया है l