मेरठ: खेत में निकले दर्जनों सांप, किसान ने एक-एक कर मारकर दफनाए
उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां एक किसान अपने घेर में काम कर रहा था. इसी दौरान उसे करीब डेढ़ फीट लंबा सांप नजर आया. किसान ने इस सांप को मारकर जमीन में दबा दिया. इतने में दूसरा, फिर तीसरा और देखते ही देखते भरभराकर सांप निकलने लगे. ऐसे में किसान और उसके परिजनों ने एक-एक कर सांपों का मारना और जमीन में दफनाना शुरू कर दिया. यह क्रम देर रात तक जारी रहा.
हालांकि इस संबंध में किसान या उसके परिवार की ओर से वन विभाग को सूचना नहीं दी गई है. मामला मेरठ के समौली गांव का है. इस गांव में रहने वाले महफूज ने बताया कि रविवार की शाम को वह अपने परिवार के लोगों के साथ घेर में काम कर रहा था. इसी दौरान उन्हें एक डेढ़ फीट का सांप नजर आया. खतरा महसूस होने पर उन्होंने पास पड़ी लकड़ी उठाकर सांप को मार दिया और उसे गड्ढा खोदकर दफन कर दिया.
सभी सांपों को मारकर दफनाया
इस सांप को मारकर वह फ्री ही हुए कि दूसरा, तीसरा और चौथा सांप नजर आया. किसान ने इन सांपों को भी मार दिया. किसान ने सोचा कि सांपों से मुक्ति मिल गई, लेकिन दरवाजे की ओर नजर पड़ी तो उसके होश उड़ गए. वहां दरवाजे के पीछे से 40 से अधिक सांप निकलते नजर आए. ऐसे में किसान और उसके परिवार के लोगों ने इन सांपों को भी मार दिया और जमीन में दफन कर दिया.
गांव में दहशत की स्थिति
इतने में खबर गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए. स्थानीय लोगों के मुताबिक देर रात तक सांपों के निकलने का सिलसिला जारी था. हालांकि इस संबंध में किसान या उनके परिवार की ओर से वन विभाग को कोई सूचना नहीं दी गई. स्थानीय लोगों के मुताबिक इस घटना से किसान या उसके परिजनों में ही नहीं, बल्कि पूरे गांव में दहशत की स्थिति है. अभी तक लोगों की समझ में नहीं आ रहा कि एक साथ इतनी संख्या में सांप कहां से आ गए.
हर घर नल-जल से बिराजपाली के ग्रामीणों को कठिनाईयों से मिली निजात
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF कांस्टेबल भर्ती विवाद: शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की