नीतीश कुमार: साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी में बीजेपी अभी से जुट गई है. पार्टी ने तय किया है कि पार्टी की जीत तय करने के लिए बीजेपी बिहार में दिल्ली जीत का मॉडल लागू करेगी. पार्टी का मानना है कि दिल्ली में बीजेपी की जीत की बड़ी वजह झुग्गीवासियों और गरीबों का बीजेपी को मिला समर्थन है. पार्टी का आकलन है कि जिस तरह से बीजेपी के नेता चुनावों से काफी पहले ही झुग्गीवासियों के बीच गए, उनके साथ रात्रिप्रवास किया, उनसे जो कनेक्ट बनाया. उससे जमीन पर बीजेपी की मौजूदगी भी दिखी और जनता को भरोसा भी हुआ.

अब बीजेपी दिल्ली जीत के इसी मॉडल को बिहार में भी अपनाएगी. पार्टी ने सोशल इंजीनियरिंग करते हुए अलग-अलग जातियों के नेताओं को मंत्री बनाया है. पार्टी ने तय किया है कि बिहार विधानसभा के बजट सत्र के तुरंत बाद बिहार सरकार में शामिल बीजेपी के सभी मंत्री अपनी-अपनी जाति के लोगों के बीच जाएंगे. ये मंत्री बिना किसी ताम-झाम और प्रोटोकॉल के अपने-अपने समाज के लोगों, उनकी बस्तियों, उनके मोहल्लों में जाएंगे. वहां लोगों से अनौपचारिक बातचीत करेंगे. सरकार के काम बताने के साथ ही उनकी समस्याएं भी सुनेंगे.

ये सभी मंत्री अपने समाज और जाति के लोगों के घर रात्रि प्रवास करेंगे. रात्रि प्रवास के दौरान इन सभी मंत्रियों को समाज के लोगों से अनौपचारिक बात के लिए बीजेपी इनको टॉपिक और नोट्स भी देगी. पार्टी का मकसद है कि चुनाव से पहले मंत्रियों का अपने समाज के लोगों के बीच में मौजूदगी रहे और कनेक्ट भी बने. इसके लिए ये मंत्री अपने अपने समाज और जाति के लोगों के छोटे छोटे-छोटे सम्मेलन, टिफिन बैठक भी करेंगे.

रणनीति को दिया जा रहा अंतिम रूप

बीजेपी की बिहार की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है. नीतीश कुमार के चेहरे पर ही एनडीए लड़ेगा चुनाव. चुनाव के बाद मुख्यमंत्री को लेकर नीतीश कुमार ही फैसला करेंगे. बीजेपी हर विधानसभा सीट पर सर्वे करा रही है. सर्वे के हिसाब से ही एनडीए के घटक दलों में सीटों का बंटवारा होगा. सर्वे के परिणाम आने पर घटक दलों से सीटों के बंटवारे पर चर्चा होगी. जिस सीट पर जिसकी मजबूत स्थिति, उसे वह सीट दी जाएगी. एनडीए में सीट बंटवारे और सीटों की पहचान को लेकर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को जिम्मा दिया गया है.

दिलचस्प बात यह है कि अगली सरकार में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या सर्वे के आधार पर चुनाव से पहले ही तय कर ली जाएगी. यानी किस पार्टी के कितना कैबिनेट मंत्री, इसका फॉर्मूला चुनाव से पहले ही तय हो जाएगा. एनडीए में बीजेपी, जेडीयू, लोजपा, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा हैं. बीजेपी लगभग 100 सीटों पर और जेडीयू लगभग 90 से 95 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. बाकी सीटें एलजेपी, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी सहयोगी दलों को दी जा सकती हैं. बीजेपी के बिहार में चार बड़े चेहरे दिलीप जायसवाल, सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और नित्यानंद राय होंगे.