बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में 2024-25 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश की. उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार किया है. बिहार की अर्थव्यवस्था का आकार 3.5 गुना बढ़कर 2011-12 के 2.47 लाख करोड़ रुपये से 2023-24 में 8.54 लाख करोड़ रुपये हो गया है.उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 में बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) मौजूदा मूल्यों पर 8,54,429 करोड़ रुपये और स्थिर (2011-12) मूल्यों पर 4,64,540 करोड़ रुपये अनुमानित है. इसी वित्तीय वर्ष में कर राजस्व 1,61,965 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों का सबसे महत्वपूर्ण घटक बना.

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2023-24 में कर राजस्व का हिस्सा कुल प्राप्तियों का 83.8 प्रतिशत हो गया, जो 2019-20 में 75.3 प्रतिशत था. अनुदान सहायता कुल प्राप्तियों का 13.5 प्रतिशत (26,125 करोड़ रुपये) रही, जबकि गैर-कर स्रोतों से 2.7 प्रतिशत (5,257 करोड़ रुपये) का योगदान मिला.

बिहार में आर्थिक और औद्योगिक विकास

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि 2011-24 के दौरान परिवहन और संचार क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की, जिसमें उत्तर प्रदेश (10.1%) और कर्नाटक (7.7%) के बाद 7.6% की वृद्धि दर्ज की गई.

औद्योगिक क्षेत्र में, राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड (एसआईपीबी) को सितंबर 2024 तक 75,293.76 करोड़ रुपये की लागत वाली 3,752 निवेश परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले. वर्ष 2023-24 में 706 परियोजनाओं के माध्यम से कुल 5,642.57 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए.

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है 2022-23 और 2024-25 (सितंबर 2024 तक) के बीच उद्योगों में कुल निवेश 3.5 गुना बढ़ गया. सूक्ष्म उद्यमों ने 2023-24 में 2022-23 की तुलना में छह गुना अधिक निवेश आकर्षित किया. राज्य में 769 कार्यशील इकाइयों में कुल 8,464.35 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जिससे 31,749 लोगों को रोजगार मिला.

कृषि, बागवानी सहित इन क्षेत्रों में हुआ है इजाफा

राज्य में कृषि क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है. 2022-23 और 2023-24 के बीच चावल और गेहूं के उत्पादन में क्रमशः 21.0% और 10.7% की वृद्धि दर्ज की गई. 2020-21 से 2023-24 के बीच मक्का उत्पादन में 66.6% की बढ़ोतरी हुई.

बागवानी क्षेत्र में, 2022-23 और 2023-24 के बीच आम उत्पादन में 9.7% और लीची उत्पादन में 11.7% की वृद्धि हुई. लीची के बागानों का क्षेत्रफल 6% बढ़ा, जिससे इस फल की खेती में निरंतर विस्तार देखा गया.

आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि राज्य ने 2022-23 में 4,034 मिलियन यूनिट (एमयू) का ऊर्जा अधिशेष दर्ज किया. 2017-18 से 2023-24 के बीच पीक डिमांड में 1.4 गुना और बिजली आपूर्ति में 1.5 गुना वृद्धि हुई. वहीं, पिछले 18 वर्षों में सामाजिक सेवाओं पर खर्च में 13 गुना वृद्धि हुई. स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे में निवेश से राज्य की आर्थिक स्थिरता को मजबूती मिली है.